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दिल्लीः 925 अनधिकृत कॉलोनियों से नहीं वसूला जाएगा बकाया संपत्ति कर
Sat, 14 Dec 2019 04:46 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 14 Dec 2019 04:46 PM IST
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने विधानसभा चुनाव से पहले अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत देते हुए बकाया संपत्ति कर माफ करने की घोषणा की है। इन 925 कॉलोनियों में रहने वाले करीब 9 लाख लोगों पर कई सालों का संपत्ति कर बकाया है। इससे निगम को करीब 1400 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा होगा।
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर में शुक्रवार को सदन की बैठक हुई। बैठक में वर्ष 2020-21 के बजट प्रस्ताव को पेश करते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगोें से बकाया संपत्ति कर नहीं वसूलने की घोषणा की।
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उन्होंने कहा कि कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने के केंद्र सरकार के फैसले से करीब 40 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इस फैसले के लागू होने से स्थानीय पार्षद भी अपने फंड इन क्षेत्रों के विकास पर खर्च कर सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि एसडीएमसी ने फैसला लिया है कि वर्ष 2004 से 2018 तक का बकाया संपत्ति कर अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे लोगों से नहीं वसूला जाएगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वर्ष 2019-20 का बकाया संपत्ति कर नहीं जमा करने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
करों की प्रस्तावित वृद्धि दर खारिज
सदन की बैठक में स्थायी समिति अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने निगमायुक्त ज्ञानेश भारती द्वारा वर्ष 2020-21 के बजट प्रस्तावों के तहत संपत्ति कर की दरों में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव के साथ पेशेवर कर और संपत्ति कर के हस्तांतरण शुल्क (कन्वर्जन शुल्क) बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने विभागों से कहा है कि वे संपत्ति कर बढ़ाने के बजाय वर्तमान में संपत्ति कर नहीं देने वाले लोगों को कर के दायरे में लाकर राजस्व को बढ़ाने की कोशिश करे। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों पर संपत्ति कर का अतिरिक्त भार बढ़ाने के बजाए निगम अन्य तरीकों से राजस्व को बढ़ाने की कोशिश करेगा।