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दिल्ली: अस्पतालों में नए मरीजों की भर्ती हुई कम
Mon, 07 Jun 2021 03:48 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 07 Jun 2021 03:48 PM IST
सार
- डॉक्टरों का कहना, पिछले सप्ताह 70 तक पहुंच गई थी रोगियों की संख्या, अब प्रतिदिन तीन या चार मामले आ रहे ब्लैक फंगस
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दिल्ली का अस्पताल
- फोटो : File
विस्तार
दिल्ली के अस्पतालों में ब्लैक फंगस( म्यूकॉर माईकोसिस) के नए मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला पहले के मुकाबले कम हुआ है। पहले जहां कुछ दिनों में ही दो बड़े अस्पताल जीटीबी और सर गंगाराम में 70 से अधिक मरीज भर्ती हुए थे। अब तीन दिन से रोजाना तीन या चार मामले आ रहे हैं। उधर, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि फंगस के इंजेक्शन की कमी के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है।
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सर गंगाराम अस्पताल के ईएनटी विभाग के एक डॉक्टर ने बताया कि तीन सप्ताह पहले अस्पताल में पहला मामला आया था। उसके कुछ दिनों बाद ही रोगियों की संख्या 70 से अधिक हो गई थी। फिलहाल अस्पताल में करीब 100 मरीज भर्ती हैं,लेकिन नए मरीजों के आने की संख्या पहले के मुकाबले कुछ कम हुई है। बीते तीन दिनों से रोजाना तीन से चार मरीज ही आ रहे है।
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राजीव गांधी सुपरस्पेशयलिटी अस्पताल के चिकिस्ता निदेशक डॉ. बीएल शेरवाल ने बताया कि उनके यहां ब्लैक फंगस के फिलहाल 4 ही मरीज भर्ती हैं। पिछले तीन दिनों से 2 रोगी ही आए हैं। उन्होंने कहा कि जीटीबी अस्पताल में भी करीब 75 मरीज हैं, लेकिन नए मामलों में कमी आई है।
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इंजेक्शन कि कमी के कारण नहीं भर्ती हो रहे मरीज
वरिष्ठ ईनएटी सर्जन डॉक्टर कृष्ण राजभर का कहना है कि ब्लैक फंगस के मरीज कम नहीं हुए हैं, अस्पतालों में रोगियों के लिए इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसलिए नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा हा है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 से 25 दिनों से उनके पास रोजाना औसतन 6 मरीज आ रहे हैं। फंगस के मामलों में कमी नहीं आई है, अस्पतालों में भर्ती इसलिए कम है, क्योकि अगर चार मरीज आ रहे हैं तो एक के लिए ही एम्फोटेरिसिन इंजेक्शन उपलब्ध हैं।