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दिल्ली को मिली 1941 करोड़ की सौगात: कई परियोजनओं का उद्गाटन और शिलान्यास, बारापुला की खासियत; एक्सप्रेसवे लिंक

Wed, 30 Sep 2026 01:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 30 Sep 2026 01:40 AM IST
सार

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया।

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Delhi receives a gift worth ₹1,941 crore: Inauguration and foundation stone laying for multiple projects
दिल्ली में नई राह... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्लीवासियों को 1,941 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी रोड अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना, प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करना है।

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गृह मंत्री अमित शाह दोपहर करीब 12 बजे बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 पहुंचे और इसका शुभारंभ किया। उन्होंने मुकरबा चौक अंडरपास का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इस दौरान आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बेहतर समन्वय से राजधानी में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है। सरकार सड़क, फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर का मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए काम कर रही है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम हो और लोगों को यातायात के दबाव से राहत मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार करने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है। ये परियोजनाएं केवल सड़क और फ्लाईओवर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, समय की बचत और सुविधाजनक आवागमन से भी जुड़ी हैं।
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दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बारापुला फेज-3 और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन तथा लोनी अंडरपास और मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का शिलान्यास राजधानी की कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार का प्रयास है कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ लोगों के रोजमर्रा के सफर में दिखाई दे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत कई विधायक मौजूद रहे।

बारापुला फेज-3 से पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 शुरू होने से मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां होते हुए दक्षिण दिल्ली और एम्स तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मजबूत होगी। करीब 10.9 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड कॉरिडोर को मौजूदा बारापुला नेटवर्क से जोड़ा गया है। परियोजना में यातायात के सुचारु संचालन के लिए नौ लूप बनाए गए हैं। पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए भी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे पूर्वी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और नोएडा से आने-जाने वाले लोगों को लाभ मिलने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

मुकरबा चौक अंडरपास से रोजाना हजारों वाहनों को मिलेगा लाभ
मुकरबा चौक अंडरपास से बाहरी रिंग रोड पर यातायात सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना में दो वाहन अंडरपास और एक पैदल यात्री अंडरपास शामिल हैं। इससे प्रतिदिन करीब 16 हजार वाहनों को लाभ मिलने का अनुमान है। बादली और रोहिणी की ओर से आजादपुर तथा जहांगीरपुरी जाने वाले वाहन मुकरबा चौक इंटरचेंज में प्रवेश किए बिना सीधे आवागमन कर सकेंगे। हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन के पास पैदल यात्रियों के लिए अलग अंडरपास भी बनाया गया है।

मोदी मिल फ्लाईओवर से कालकाजी तक बेहतर कनेक्टिविटी
मोदी मिल फ्लाईओवर के विस्तार के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया है। इससे मोदी मिल से कालकाजी और आगे आईआईटी गेट की दिशा में सिग्नल-फ्री आवागमन को मजबूत करने की योजना है। परियोजना से कैप्टन गौड़ मार्ग और आउटर रिंग रोड के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का दबाव कम करने तथा नेहरू प्लेस, कालकाजी और ग्रेटर कैलाश के बीच आवागमन सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर से ट्रैफिक को मिलेगा नया मार्ग
सावित्री सिनेमा जंक्शन पर नए समानांतर फ्लाईओवर के निर्माण का शिलान्यास किया गया। इसका उद्देश्य आउटर रिंग रोड और जीके-2 रोड के आसपास यातायात का दबाव कम करना है। इससे नेहरू प्लेस, ओखला और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

लोनी रोड अंडरपास से लोनी, शाहदरा आवागमन होगा सुगम
लोनी रोड गोल चक्कर पर चार लेन के अंडरपास के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके बनने से लोनी की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को गोल चक्कर पर रुकने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही लोनी और शाहदरा के बीच आवागमन अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

यमुना पर एक्स्ट्रा डोज्ड डिजाइन का पुल है बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3

बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 की सबसे बड़ी तकनीकी खासियत यमुना पर बनाया गया एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन का पुल है। इस डिजाइन में पुल के मुख्य गर्डर को ऊपर से केबल के जरिये अतिरिक्त सहारा दिया गया है। यमुना के सक्रिय बहाव वाले हिस्से में लंबे स्पैन रखने से नदी के भीतर पिलर की जरूरत कम रखने में मदद मिलती है। परियोजना की संशोधित लागत 1,635.03 करोड़ रुपये है।

बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में साइकिल के लिए एक अलग से ट्रैक बनाया गया है। जाम लगने के दौरान भी साइकिल सवार आराम से अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 में करीब 3.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है। हालांकि, लूप का मिला लें तो 4.50 किलोमीटर की यह रोड है। यह मयूर विहार फेज-1 से शुरू होकर सराय काले खां में मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ रहा है। खास बात यह है कि इस 3.5 किलोमीटर के लंबे एलिवेटेड रोड की मदद से वाहन चालक कुल नौ किलोमीटर का सिग्नल फ्री यात्रा कर सकेंगे। इसके चालू होने से पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। मयूर विहार से एम्स तक पीक आवर्स में यात्रा का समय करीब 30-35 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट होने का अनुमान लगाया गया है।

यमुना पर लंबा स्पैन
परियोजना के यमुना हिस्से में एक्स्ट्रा-डोज्ड का इस्तेमाल किया गया है। यहां करीब 125 मीटर के लंबे स्पैन रखे गए हैं। लंबे स्पैन के कारण नदी के बहाव क्षेत्र का इस संरचना पर प्रभाव सीमित करता है। पुल के निर्माण की योजना में यमुना के नदी तल को कम से कम प्रभावित करने पर जोर दिया गया था।

आठ लूप से कई दिशाओं में आवाजाही
तीन लेन वाले एलिवेटेड कॉरिडोर में आठ लूप बनाए गए हैं। चार सराय काले खां और चार मयूर विहार की ओर। इससे अलग-अलग दिशाओं में आने-जाने वाले वाहनों को कनेक्टिविटी मिलेगी। कॉरिडोर में समर्पित साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है।

परियोजना के चालू होने से रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के साथ सराय काले खां क्षेत्र में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह सराय काले खां के मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तक पहुंच को भी बेहतर करेगा। अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर से रोजाना करीब दो टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान है।

क्या है एक्स्ट्रा-डोज्ड डिजाइन
इस तकनीक में पुल के डेक को ऊपर लगे छोटे पाइलन और उनसे जुड़े केबल अतिरिक्त सहारा देते हैं। इससे लंबे स्पैन तैयार किए जा सकते हैं और सामान्य पुल की तुलना में नदी या सड़क के बीच सपोर्ट की जरूरत कम हो सकती है।

बारापुला ने बढ़ाई तीन एक्सप्रेसवे की नजदीकी

बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 के खुलने से दिल्ली की सड़क कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिला है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। इसके शुरू होने से दिल्ली-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच आवागमन आसान होगा। एक एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन चालक बिना ट्रैफिक सिग्नल और घुमावदार रास्तों से गुजरे दूसरे एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। इससे पूर्वी दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस कॉरिडोर का सबसे अधिक फायदा मयूर विहार फेज-1 से आईएनए के बीच सफर करने वालों को मिलेगा। वे बारापुला एलिवेटेड रोड के तीनों चरणों से होते हुए सिग्नल फ्री रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। इससे निजामुद्दीन और सराय काले खां के व्यस्त मार्गों पर निर्भरता कम हो सकती है।

तीन एक्सप्रेसवे के बीच बनेगा सीधा संपर्क
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: अक्षरधाम तक आने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के वाहन चालकों को अभी निजामुद्दीन की ओर जाना पड़ता है। बारापुला फेज-3 से जुड़ने के बाद वे मयूर विहार फेज-1 से एलिवेटेड कॉरिडोर पर चढ़कर आगे बढ़ सकेंगे। यहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने का रास्ता मिलेगा।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: मेरठ की ओर से आने वाले वाहन चालकों को अभी निजामुद्दीन पहुंचना पड़ता है। नए कॉरिडोर के जरिये वे बारापुला के रास्ते दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जा सकेंगे। इससे पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों से दक्षिणी दिल्ली की ओर आवागमन में सुविधा मिल सकती है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: डीएनडी और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ी सड़कें दक्षिणी दिल्ली और फरीदाबाद की दिशा में आवाजाही के लिए अहम हैं। बारापुला फेज-3 के जुड़ने से इन मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होगा और वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ते मिलेंगे।
तीन लेन का कॉरिडोर, दोनों दिशाओं में आवाजाही की सुविधा

बारापुला फेज-3 को मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक बनाया गया है। सराय काले खां की ओर इसका जुड़ाव दो तरफा है। एक ओर यह सीधे बारापुला फेज-1 से जुड़ता है, जबकि दूसरी ओर वाहन रिंग रोड पर भी जा सकेंगे। यहां से बारापुला फेज-1 और फेज-2 के रास्ते एम्स और दक्षिणी दिल्ली की ओर पहुंचा जा सकता है। कॉरिडोर में तीन लेन के साथ अलग-अलग दिशाओं में वाहनों की आवाजाही के लिए लूप बनाए गए हैं। इससे वाहन चालक अपनी मंजिल के अनुसार रास्ता चुन सकेंगे।

इन इलाकों के लोगों को होगा फायदा

  • पूर्वी दिल्ली : मयूर विहार, आसपास की कॉलोनियों और नोएडा की ओर से आने वाले वाहन चालकों को दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने के लिए नया एलिवेटेड रास्ता मिलेगा
  • गाजियाबाद और नोएडा : इन शहरों से दिल्ली आने वाले यात्रियों को सराय काले खां के जरिये दक्षिणी दिल्ली और मध्य दिल्ली की ओर जाने में सुविधा मिल सकती है
  • फरीदाबाद :दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और डीएनडी लिंक रोड की कनेक्टिविटी के साथ फरीदाबाद की दिशा से आने वाले वाहन चालकों को भी बेहतर मार्ग विकल्प मिल सकते हैं

सराय काले खां और निजामुद्दीन के आसपास जाम की चुनौती
कॉरिडोर से सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, निजामुद्दीन से महारानी बाग के बीच रिंग रोड के करीब दो किलोमीटर लंबे हिस्से पर जाम की समस्या बनी रह सकती है।

इसकी वजह सराय काले खां में रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डे, रिंग रोड और अन्य प्रमुख मार्गों से आने वाला ट्रैफिक है। तीनों एक्सप्रेसवे के साथ दिल्ली के अंदरूनी इलाकों से आने वाले वाहनों का दबाव भी इस हिस्से में चुनौती बना रह सकता है।

2014 में मिली थी मंजूरी, लागत 1,635 करोड़ रुपये
बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे मूल रूप से 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, जमीन अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरियों और तकनीकी चुनौतियों के कारण निर्माण में देरी हुई। परियोजना की संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये बताई गई है।



सुगम होगा सफर
दिल्ली की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और दिल्लीवासियों के सफर को सुगम बनाने के लिए आज 1,941 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। 1,635 करोड़ रुपये की लागत से बना बारापुला एलिवेटेड रोड फेज-3 दिल्लीवासियों को समर्पित किया। इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी होगी, जिससे आवागमन सुगम होगा, ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रा का समय भी बचेगा। साथ ही, मोदी मिल-सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर और लोनी अंडरपास का भी शिलान्यास किया।
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री (सोशल मीडिया पर पोस्ट)

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