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दिल्ली: राजेंद्र पाल ने कहा, नशीली दवाओं से मुक्त बचपन के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र जरूरी
Wed, 10 Nov 2021 05:21 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 10 Nov 2021 05:21 PM IST
सार
अभिभावकों, स्कूलों और प्रवर्तन एजेंसियों की विफलता से बच्चे नशे की गिरफ्त में, पुनर्वास के साथ प्रभावित परिवारों को परामर्श देना जरूरी, मंत्री ने ‘सूर्योदय’ योजना की समीक्षा की।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी है कि मादक पदार्थों का शिकार युवाओं और प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया जाए। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने ‘सूर्योदय’ योजना की प्रगति और इसे प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए विभिन्न पहलुओं कीसमीक्षा की। मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि देश के युवा मादक द्रव्यों के सेवन का शिकार हो रहे हैं। यहां तक की 10-11 वर्ष की आयु के बच्चे भी मादक पदार्थों के सेवन कर रहे हैं।
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एजेंसियों के स्तर पर यह बड़े पैमाने पर समाज की विफलता
अभिभावकों, स्कूलों और प्रवर्तन एजेंसियों के स्तर पर यह बड़े पैमाने पर समाज की विफलता है। नशीली दवाओं से मुक्त बचपन के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की जरूरत है। मौजूदा हालात में सुधार के लिए जरूरी है कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से युवाओं को रोका जाए। पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सभी एजेंसियों को कार्यक्रमों को निगरानी, मूल्यांकन और इसे लागू करना महत्वपूर्ण है।
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विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से हालात में सुधार
शिक्षा, सामाजिक न्याय, पुलिस और कानून प्रवर्तन सहायता और बाल अधिकार आयोग जैसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय से हालात में सुधार हो सकता है। सभी एजेंसियों को एक साथ सूर्योदय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मिलजुलकर काम करना चाहिए। नशीली दवां के शिकार बच्चे का पुनर्वास के साथ साथ उनके परिवारों को परामर्श देना भी देना जरूरी है। जुलाई 2021 में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली में नशामुक्ति केंद्र सूर्योंदय का उदघाटन किया था।
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सूर्योदय को प्रभावी तौर पर लागू करने से सुधरेंगे हालात
बैठक में विशेष सचिव व सह निदेशक डॉ. रश्मि सिंह, संयुक्त निदेशक एससी वत्स, प्रख्यात मनोचिकित्सक डॉ. जितेंद्र नागपाल सहित गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। बैठक में ‘सूर्योदय’ योजना को प्रभावी रूप से लागू करने पर मंथन किया। इस दौरान मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने मादक पदार्थों के सेवन से पीडित युवाओं और उनके परिवारों के सफलता पूर्वक पुनर्वास की जरूरत पर बल दिया।