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Delhi : बारिश ने नहीं दिया साथ, दिल्ली-एनसीआर पर प्रदूषकों का बोलबाला; सुधर नहीं रहे हालात... हवा बहुत खराब

Sat, 30 Nov 2024 06:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 30 Nov 2024 06:51 AM IST
सार

दिल्लीवासी इस माह में बारिश ही नहीं, बल्कि बूंदा-बांदी के लिए भी तरस गए। जबकि 2023 में इस माह में चार दिन बारिश हुई थी।

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Delhi: Rain did not support, pollutants dominate Delhi-NCR
Delhi Weather, Delhi Rain, Delhi NCR Weather - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी में बारिश ने नवंबर माह में साथ नहीं दिया है। दिल्लीवासी इस माह में बारिश ही नहीं, बल्कि बूंदा-बांदी के लिए भी तरस गए। जबकि 2023 में इस माह में चार दिन बारिश हुई थी। यही नहीं, इस साल अक्तूबर का महीना भी पांच साल में सबसे ज्यादा सूखा रहा। इसका सीधा असर वायु गुणवत्ता के साथ सर्दी पर देखने को मिला रहा है। इस माह का एक दिन शेष है, लेकिन अच्छी ठंड ने दस्तक नहीं दी है। इस वर्ष नवंबर माह में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब वायु गुणवत्ता सामान्य से लेकर खराब स्तर पर रही हो। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 के बाद यह पहली दफा है, जब इस माह हवा केवल बेहद खराब और गंभीर श्रेणी के बीच में है।

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वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू है। लेकिन, इसका असर देखने को नहीं मिला है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, इस साल पूरे नवंबर माह में सांसों पर संकट रहा है। इसमें 21 दिन ऐसे रहे जब हवा बेहद खराब रही। जबकि वर्ष 2023 में 17 दिन ही बेहद खराब हवा वाले थे। इसमें चार दिन हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी। वहीं, 2022 में यही 15 दिन बेहद खराब थे। इस दौरान खराब हवा वाले 12 दिन और केवल तीन दिन ऐसे थे जब हवा गंभीर श्रेणी में थी। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की दशा सुधरने के बजाए इस बार और बिगड़ गई है। हवा की गति चार किलोमीटर प्रतिघंटे तक रही है, जबकि 10 किलोमीटर प्रतिघंटे होनी चाहिए।
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आठ दिन रही गंभीर श्रेणी में हवा
इस वर्ष 29 नवंबर तक 133 दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। जबकि, इस वर्ष अब तक 11 दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं, 2023 में 125 दिन ऐसे थे जब हवा खराब दर्ज की गई थी। वहीं, 12 दिन गंभीर श्रेणी के थे। सीपीसीबी के मुताबिक, इस वर्ष नवंबर माह में आठ दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। जबकि वर्ष 2023 में नौ दिन ऐसे थे, जब हवा गंभीर श्रेणी में रही थी। 2022 में तीन दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई थी।

बेहद खराब श्रेणी के दिन बढ़े
सीपीसीबी के अनुसार 2015 के बाद से पहली बार है कि जब बेहद खराब हवा के दिन बढ़े हैं। नवंबर में तब 21 दिन ऐसे थे जब हवा बेहद खराब थी। उसके बाद इस वर्ष कमोबेश यही स्थिति है। इस बार भी बेहद खराब वाले 21 दिन रहे हैं। यही नहीं, अभी इस माह का एक दिन शेष है। उधर, 2015 के बाद पहली बार है कि जब हवा एक दिन भी खराब श्रेणी में रही हो या इससे अच्छी से लेकर सामान्य रही हो। जबकि बीते वर्ष चार दिन ऐसे थे जब हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी। इसके साथ ही वर्ष 2022 में 12 दिन ऐसे थे, जब एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया था। ऐसे में इस बार बेहद खराब श्रेणी की हवा से मुश्किलें बढ़ी हैं। इससे लोगों को दूषित हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ा है।

2019 के बाद से एक भी दिन साफ नहीं रही हवा
इस वर्ष नवंबर माह में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब एक्यूआई 100 से नीचे रहा हो, इस सूचकांक में हवा संतोषजनक मानी जाती है। आकंड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में केवल एक दिन हवा संतोषजनक व तीन दिन सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई थी। वहीं, वर्ष 2020 में हवा के केवल दो दिन सामान्य श्रेणी में रही थी। बता दें दिल्ली में ग्रैप-चार लागू है। इसके बावजूद भी हवा की सेहत नहीं सुधर रही है।


सुधर नहीं रहे हालात, हवा बेहद खराब
राजधानी में हवा की दिशा व गति बदलने से शुक्रवार को वायु गुणवत्ता बेहद खराब रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 331 दर्ज किया गया। इसमें बृहस्पतिवार की तुलना में छह अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। दिनभर स्मॉग की चादर छाई रही। डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 21.408 फीसदी, कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 2.112 फीसदी रही। सीपीसीबी का पूर्वानुमान है कि रविवार तक वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रहेगी। शुक्रवार को बवाना, मुंडका में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में रहा, जबकि अशोक विहार, जहांगीरपुरी समेत 24 इलाकों में एक्यूआई बेहद खराब और 10 इलाकों में एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया।

सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही
पहाड़ों से आने वाली हवाओं ने मैदानी इलाकों में अब ठंड का अहसास कराना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह बृहस्पतिवार की तुलना में 0.6 डिग्री कम है। साथ ही, अधिकतम तापमान सामान्य रहा, जो 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। सफदरजंग हवाई अड्डे पर सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। ऐसे में सुबह साढ़े सात बजे न्यूनतम दृश्यता 1000 मीटर दर्ज की गई। सुबह स्मॉग के कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। वहीं, शनिवार के लिए मौसम विभाग ने घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

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