{"_id":"5fae93b438158619302b52e0","slug":"delhi-pollution-committee-has-taken-steps-two-industrial-units-sealed-for-spreading-pollution-in-yamuna","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्शन में आई दिल्ली प्रदूषण समिति, यमुना में प्रदूषण फैलाने को लेकर दो औद्योगिक इकाइयां सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्शन में आई दिल्ली प्रदूषण समिति, यमुना में प्रदूषण फैलाने को लेकर दो औद्योगिक इकाइयां सील
Fri, 13 Nov 2020 07:39 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 13 Nov 2020 07:39 PM IST
विज्ञापन
प्रदूषण
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुना में प्रदूषण फैला रही दो औद्योगिक इकाइयों पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी(डीपीसीसी) ने शुक्रवार को सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही अन्य 15 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
दरअसल, पटपड़गंज औद्योगिक इलाके में ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशन- कम शोरूम और लारेंस रोड स्थित जींस की रंगाई और धुलाई की इकाई बिना नियमों के धड़ल्ले से चलकर यमुना को प्रदूषित कर रही थी। इसको देखते हुए प्रदूषण समिति ने सीलिंग की कार्रवाई को अपनाया है। साथ ही ख्याला पुनर्विकास क्षेत्र में 21 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने के साथ बिना पर्यावरण मानकों के चल रही 15 औद्योगिक इकाईयों को बंद करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
पटपड़गंज इलाके में मानकों का पालन न करने पर प्रदूषण समिति ने ऑटोमोबाइल सर्विस स्टेशन और मरम्मत इकाई को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। दरअसल, गत दिनों कालिंदी कुंज के पास यमुना में बड़ी मात्रा में प्रदूषित तत्वों के कारण सफेद झाग बनने की तस्वीरें सामने आई थी। इसे लेकर विशेषज्ञों ने डिटर्जेंट को प्रमुख कारण बताया था।
विज्ञापन
इस संबंध में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड( सीपीसीबी) के एक अधिकारी का कहना था कि देशभर में अधिकतर डिटर्जेंट अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं जिससे रसायनिक तत्वों में फास्फेट की मात्रा पर नियंत्रण लग सकता है।
यमुना में प्रदूषित झाग बनने के पीछे प्रमुख कारण फास्फेट को ही माना जा रहा है क्योंकि, अधिकतर रंगाई की इकाइयों, धोबी घाट और घरों में डिटर्जेंट इस्तेमाल किया जाता है। इसमें अधिकतर धोबी घाट और घरों में प्रतिबंधित किया हुआ डिटर्जेंट इस्तेमाल किया जा रहा है। जो सीधे नालियों से होते हुए यमुना में पहुंचता है।