बढ़ता प्रदूषण बना रहा लोगों को बीमार, रोजाना 300 मरीज पहुंच रहे जिला अस्पताल
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प्रदूषण के स्तर ने अस्पतालों में सांस से संबंधित बीमारियों के मरीजों का आंकड़ा बढ़ा दिया है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के पास 300 से अधिक मरीज रोजाना प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
ओपीडी का आंकड़ा फिर तीन हजार के पार पहुंच गया है। अभी भी प्रदूषण का स्तर मानक से कई गुणा ज्यादा है। प्राइवेट अस्पतालों में भी प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के मरीज आ रहे हैं।
सफर संस्था के अनुसार, पीएम 10 का स्तर 487 और पीएम 2.5 का स्तर 507 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में प्रदूषण को लेकर और ध्यान रखने की जरूरत है।
अगर बाहर जा रहे हैं तो मास्क लगाकर जाएं
डॉक्टरों का कहना है कि अगर बाहर जा रहे हैं तो मास्क लगाकर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर बढ़ने से सांस के मरीजों को बहुत दिक्कत हो रही है।
सांस लेने के दौरान सूक्ष्म कण शरीर में जा रहे हैं, जिससे दिक्कत शुरू हो रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम ने बताया कि मरीज सांस की बीमारी की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
मैदान में खेलकूद बंद
स्कूलों ने पूरी तरह से आउटडोर एक्टिविटी बंद कर दी है। कोई भी स्कूलों बच्चों का प्ले ग्राउंड में खेलने नहीं दे रहे हैं। बच्चों से कहा गया है कि वो क्लास में ही खेलें। यहां तक की खेल के पीरियड भी नहीं हो रहे हैं। बच्चों को स्कूल में मास्क लगाकर आने के लिए कहा गया है।