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बीपी-शुगर-लीवर तक की दवाएं नकली: फर्जी दवाओं का बहुत सॉलिड था पूरा नेटवर्क; देश के हर राज्य में करते थे सप्लाई

Sun, 05 Apr 2026 10:25 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sun, 05 Apr 2026 10:25 PM IST
सार

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब दो करोड़ रुपये कीमत की नकली दवाएं जिनमें 1.20 लाख टैबलेट-कैप्सूल व दवा बनाने के लिए 2000 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित शेर नगर में मोहम्मद अकदास सिद्दीकी नामक आरोपी पिछले करीब 15 साल से फैक्टरी चलाकर इन दवाओं का निर्माण कर रहा था। 

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Delhi Police Uncovers Interstate Gang Supplying Fake Medicines Across the Country
देशभर में सप्लाई हो रहीं नकली दवाएं, 6 आरोपी गिरफ्त में - फोटो : AI Image

विस्तार

जीवन रक्षक नकली दवाएं बनाकर देश के कई राज्यों में सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्जीय गिरोह का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को दबोचा है। इनमें दवा बनाने वालों के अलावा दवा स्टोर करने और नकली दवाओं को उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करने वाले लोग भी शामिल हैं। पकड़े गए सभी आरोपी वर्ष 2011 से इस गोरखधंधे में शामिल हैं। 

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कौन-कौन है शामिल?
आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी निखिल अरोड़ा (थोक विक्रेता), सिहानी, गाजियाबाद, यूपी निवासी शिवम त्यागी (सप्लायर), बाग कॉलोनी, मोदी नगर, गाजियाबाद निवासी मयंक अग्रवाल (सप्लायर), रुड़की, उतराखंड निवासी मोहित कुमार शर्मा (उत्तराखंड का मुख्य सप्लायर) मलिक नगर, मुरादनगर, गाजियाबाद निवासी शाहरुख और दिल्ली निवासी राहुल के रूप में हुई है।

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शाहरुख और राहुल 50 करोड़ की दवाओं के फर्जी विलिंग करवा चुके
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब दो करोड़ रुपये कीमत की नकली दवाएं जिनमें 1.20 लाख टैबलेट-कैप्सूल व दवा बनाने के लिए 2000 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित शेर नगर में मोहम्मद अकदास सिद्दीकी नामक आरोपी पिछले करीब 15 साल से फैक्टरी चलाकर इन दवाओं का निर्माण कर रहा था। छापा की भनक लगते ही अकदास सिद्दीकी भागने में कामयाब हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। छानबीन में पता चला कि दवा बनाकर उन्हें बेचने के लिए शाहरुख और राहुल फर्जी जीएसटी बिल और फर्जी कंपनियां उपलब्ध करवाते थे। शाहरुख और राहुल पिछले कुछ दिनों में 50 करोड़ कीमत की दवाओं के लिए के फर्जी विलिंग करवा चुके हैं।

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कहां-कहां करते थे सप्लाई?
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि 11 मार्च को इंस्पेक्टर मंजीत कुमार व अन्यों की टीम को नकली दवाओं के भंडारण, वितरण की खबर मिली। जांच में पता चला कि भागीरथ पैलेस में दवाओं का थोक विक्रेता निखिल अरोड़ा जो बिहारी कॉलोनी, शाहदरा में रहता है, वह देश के कई राज्यों में दवाएं सप्लाई कर रहा है। टीम को वहां से करीब 20 हजार टैबलेट-कैप्सूल (मधुमेय, उच्च रक्तचाप, दर्द, लीवर, एंटीबायोटिक्स और एंटीवायरल) बरामद हुए। दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने इन दवाओं के नकली होने की पुष्टि की। बरामद सभी दवाएं नामी कंपनियों की थीं। इसके बाद टीम ने एक-एक कर तीन और आरोपी शिवम त्यागी को सिहानी, गाजियाबाद, मयंक अग्रवाल को मोदी नगर, गाजियाबाद और मोहित कुमार शर्मा को रुड़की, उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने बताया कि यह लोग यूपी के मुजफ्फरनगर स्थित शेर नगर में चल रही फैक्टरी से दवाएं लेते थे। बाद में इन दवाओं को दिल्ली, यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश व कई राज्यों में सप्लाई कर दिया जाता है।

मुजफ्फरनगर स्थित फैक्टरी में की गई छापेमारी
मोहित शर्मा से पूछताछ के बाद टीम ने मुजफ्फरनगर में छापा मारा। यहां से पुलिस ने करीब 2000 किलोग्राम कच्चा माल (मेटफॉर्मिन-एचसीएल, ट्रिप्सिन काईमोट्रिप्सिन, कैल्शियम कार्बेनेट, लैक्टोज, स्टार्च, मैग्नीशियम स्टीयरेट आदि) व दवाएं बरामद कीं। यहां फैक्टरी मालिक पिछले करीब 15 साल से फैक्टरी चलाकर नकली दवाएं बना रहा था। आरोपी ने करीब एक हजार गज में बड़ी फैक्टरी बनाई हुई है। इसमें कई विदेशी व देशी मशीनें दवा बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। फैक्टरी से 10 हजार खाली बोतलें कई डाई व पंच सेट भी बरामद हुए हैं। यहां दवा बनाने के अलावा उनको पैकिंग करने के लिए आधुनिक मशीनें मौजूद थीं। आरोपी एमआरपी के 20 फीसदी कीमत पर मार्केट में दवा उपलब्ध करा देते थे।

राहुल और शाहरुख करा रहे थे फर्जी जीएसटी फर्म
पूरे गोरखधंधे को अमली-जामा पहनाने के लिए मुरादनगर, गालियाबाद का शाहरुख और दौलतपुर, दिल्ली का राहुल आरोपियों को जीएसटी बिल व फर्जी कंपनियां मुहैया करवा रहे थे। दोनों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर अलग-अलग ग्रुप बनाए हुए थे। यह लोग इन फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी जीएसटी बिल बनाकर दवाएं बेचते थे।

आरोपियों के पास से यह दवाएं हुई बरामद
आरोपियों के पास से कुल 1,20,535 टैबलेट और कैप्सूल बरामद हुए हैं। इनमें स्प्रोलैक-डीएस, सिग्नोफ्लेम, काइमोरल फोर्ट, उर्सकॉल-300, सीसीएम, केटरॉल-डीटी, जेमकॉल, ग्लोकोनॉर्म सीरिज-जालरा-50, मोक्सोवास, ग्लाइकोमेट, एम्लोवास-एटी, डिस्परजाइम, गिलिमीसेव, ड्रोटिन-एम, नेक्सडम-500, बायो-डी3 प्लस, गाबापिन-एनटी और मॉनटियर-एलसी जैसी जीवन रक्षक (शेड्यूल-एच) की दवाएं शामिल हैं।

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