Delhi: स्पेशल सेल ने बरामद किए 60 करोड़ के 'डिस्को बिस्किट', जानिए क्या है ये जिसके साथ गिरफ्तार हुए 3 विदेशी
तस्कर दिल्ली-एनसीआर से मादक पदार्थ मुंबई व बेंगलुरू कैरियर के जरिए सप्लाई करते थे और खुद भी कैरियर बस से ही मुंबई व बेंगलुरू जाकर मादक पदार्थ सप्लाई करते थे। इसके बाद ये वापस हवाई जहाज से आते थे।
विस्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर अफ्रीकी मूल के तीन विदेशी नागरिकों को दिल्ली व ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। दो आरोपी नाइजीरिया और एक कोटे-डी-आइवर का है।
इनके कब्जे से 14.5 किलो 'डिस्को बिस्किट' (मेथाक्वालोन) और इसे लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद मादक पदार्थ की कीमत 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गिरोह के सदस्य ग्रेटर नोएडा की एक पॉश कॉलोनी स्थित घर में ड्रग्स स्टोर करते थे।स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी नममानी अहुकाजुडे (44 वर्ष) और चिनजी (34 वर्ष) और कोटे डी आईवर निवासी फ्रेंक ओउमरलब्राहिम (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
नममानी दिल्ली में जबकि बाकी दोनों आरोपी ग्रेटर नोएडा में रह रहे थे। इंस्पेक्टर रंजीत सिंह, इंस्पेक्टर संजीव कुमार और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह की टीम ने दिल्ली व ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बताया कि वह मादक पदार्थ की खेप अफ्रीकी मूल के एक व्यक्ति से ग्रेटर नोएडा से लेते थे।
ये दिल्ली-एनसीआर से मादक पदार्थ मुंबई व बेंगलुरू कैरियर के जरिए सप्लाई करते थे और खुद भी कैरियर बस से ही मुंबई व बेंगलुरू जाकर मादक पदार्थ सप्लाई करते थे। इसके बाद ये वापस हवाई जहाज से आते थे। कभी भी हवाई जहाज व ट्रेन के जरिए मादक पदार्थ सप्लाई नहीं किए। तीनों आरोपी भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। इनके कागजातों की अवधि खत्म हो चुकी है।
क्या है डिस्को बिस्किट
डिस्को बिस्किट असल में एक ड्रग का नाम है जिसे मेथाक्वालोन (Methaqualone) कहते हैं। बता दें कि यह ड्रग्स भारत में प्रतिबंधित है। अगर इसका सेवन, खरीद बिक्री करते कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ नार्कोटिक्स ड्रग और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है।