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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी, श्रीनगर से जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी गिरफ्तार

Tue, 16 Jul 2019 11:11 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 16 Jul 2019 11:11 PM IST
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Delhi Police Special Cell has arrested JeM terrorist Basir Ahmad from Srinagar of  Jammu and Kashmir
आतंकवादी बसीर अहमद - फोटो : एएनआई

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जैश ए मोहम्मद के वांछित इनामी आतंकी बासिर अहमद पोनू को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय स्थानीय लोगों ने उसे छुड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। स्पेशल सेल के एसआई आनंद सिंह ने जान की परवाह किए बिना बासिर को दबोच लिया। हाईकोर्ट ने बासिर को भगोड़ा घोषित कर रखा था और दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव के मुताबिक एसीपी संजय दत्त व इंस्पेक्टर राहुल कुमार सिंह की देखरेख में एसआई आनंद सिंह, एएसआई मो. इकबाल व हवलदार हवा सिंह की टीम जम्मू कश्मीर पहुंचकर बासिर की तलाश कर रही थी। टीम ने सोपोर में दबिश दी थी, लेकिन बासिर बच निकला।

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स्थानीय पुलिस व एसओजी के सहयोग ने दिल्ली पुलिस ने बासिर के गांव कांडीगहम (कुपवाड़ा) में दबिश दी। यहां से भी वह भाग निकला। आखिरकार 15 जुलाई को बासिर की लोकेशन श्रीनगर में मिली। पुलिस टीम यहां पहुंची। बासिर कोठीबाग में स्थित माजिस्द से नमाज पढ़कर बाहर निकल रहा था। उस समय वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी थे। एसआई आनंद ने हिम्मत दिखाते हुए बासिर को पकड़ लिया। इस पर वहां हंगामा खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने बासिर को छुड़ाने की कोशिश की,  लोग हाथापाई पर उतर आए। इसी दौरान वहां जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान आ गए। इसके चलते एसआई आनंद सिंह आतंकी बासिर को पकड़ने में कामयाब हो सके। 
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तीन साथियों संग 2004 में पकड़ में आया था

डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि जैश के चार आतंकियों सियालकोट (पाकिस्तान) निवासी शाहिद गाफूर, सोपोर जिला बारामूल्ला (जम्मू कश्मीर) निवासी बासिर अहमद पोनू, कूपवाड़ा निवासी फयाज अहमद लोन और बारामूल्ला निवासी अब्दुल माजिद बाबा को मामूली मुठभेड़ के बाद चार फरवरी, 2004 को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग से गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से तीन किलो पीईटीएन, चार डिटोनेटर, एक टाइमर, छह हैंड ग्रेड, .30 बोर की पिस्टल, दो कारतूस के साथ मैगजीन, 50 हजार रुपये और दस हजार के नकली अमेरिकी डॉलर पकड़े थे। आतंकियों ने पूछताछ में बताया था कि वह जैश के सक्रिय सदस्य हैं और सोपोर में जैश के कमांडर पाकिस्तान निवासी हैदर के आदेश पर दिल्ली में आतंकी हमला करने आए थे। शाहिद गाफूर ने बताया कि वह दो बार बॉर्डर पार कर वर्ष 1998 और 2002 में भारत आया था। हर बार पाकिस्तान आतंकी उसके साथ भारत आए थे। एएसजे कोर्ट ने सात अगस्त, 2008 को पाक नागरिक शाहिद गाफूर को सजा सुनाई थी, जबकि तीन अन्य आतंकियों को बरी कर दिया था।

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फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गई थी दिल्ली पुलिस
एएसजे कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली पुलिस हाईकोर्ट गई। हाईकोर्ट ने चारों आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद बासिर, फयाज और अब्दुल माजिद ने सरेंडर नहीं किया। इस पर कोर्ट ने वर्ष 2014 में तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने इन पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। इंस्पेक्टर राहुल कुमार सिंह की टीम ने 25 मार्च, 2019 को फयाज अहमद लोन और 11 मई, 2019 को अब्दुल माजिद बाबा को को श्रीनगर से गिरफ्तार कर लिया था।

पैसों के खातिर जैश के लिए काम करने लगा था बासिर 
बासिर अहमद पोनू (50) के पिता मछुआरे का काम करते थे, जबकि वह फलों की रेहड़ी लगाता था। वर्ष 1990 में बासिर का चचेरा भाई बासिर अहमद लिस्सू जैश में शामिल हो गया। उसके पास पाक अधिकृत कश्मीर से हथियार व विस्फोटक आने लगे। वर्ष 1992 में पाक से लौटने के बाद उसने बीएसएफ के सामने सरेंडर कर दिया और बीएसएफ का मुखबिर बन गया। लिस्सू के कहने पर बासिर अहमद पोनू भी बीएसएफ का मुखबिर बन गया। वर्ष 2002 में जैश के आतंकी गुलाम रसूल के कहने पर बासिर अहमद पैसे के लिए आतंकी बन गया। उसे तीन हजार रुपये दिए गए।

उसे अन्य युवकों को जैश में भर्ती कराने का जिम्मा दिया गया। पोनू जैश के आतंकी गुलाम रसूल से मिला। उसके कहने पर पूना का परवेज अहमद लाडो भी  जैश में शामिल हो गया। जल्द ही बासिर की मुलाकात जैश के अन्य आतंकी सोपोर निवासी गुलाम रसूल बाफांडा और पाक में आतंकी ट्रेनिंग लिए हिजबुल के आतंकी अल्ताफ अहमद किरमानी से हुई। बासिर जल्द ही अल्ताफ अहमद किरनामी का करीबी हो गया। अल्ताफ ने उसे सोपोर के जैश के एरिया कमांडर पाक आतंकी हैदर से मिलवाया। बासिर के कहने पर अब्दुल माजिद बाबा और फयाज अहमद भी जैश में शामिल हो गए। जब ये दिल्ली में आतंकी हमला करने आए तो चार फरवरी, 2004 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।

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