फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Police sends 15-20 viscera to FSL everyday

हर रोज 15-20 विसरा एफएसएल भेजती है दिल्ली पुलिस 

Wed, 04 Dec 2019 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 04 Dec 2019 05:23 AM IST
विज्ञापन
Delhi Police sends 15-20 viscera to FSL everyday
Viscera report - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस रोज औसतन 15 से 20 विसरा एफएसएल जांच के लिए भेजती है। एक महीने में औसतन 350 से 400 विसरा एफएसएल जांच के लिए भेजे जाते हैं। हालांकि एफएसएल में विसरा जांच करने वाले विशेषज्ञों की तादाद जरूरत का केवल 50 फीसदी बताई गई है। 

विज्ञापन


इस कारण विसरा जांच की देरी बढ़ती रहती है। उधर, हाईप्रोफाइल केसों में विसरा रिपोर्ट कुछ ही महीने में आ जाती है। जो विसरा हाईप्रोफाइल केस से संबंधित नहीं हैं या मीडिया की सुर्खियां नहीं बनते, वे सालों या तो पुलिस थानों या फिर एफएसएल में पड़े रहते हैं।
विज्ञापन


रोहिणी स्थित एफएसएल के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के पास हर रोज 15 से 20 विसरा आते हैं। कोशिश रहती है कि जांच कर रिपोर्ट जल्द से जल्द दे दी जाए। कश्मीरी गेट इलाके में केमिकल्स से झुलसकर मरे तीनों युवकों का विसरा एफएसएल पहुंच गया है। इसी तरह जामिया नगर इलाके में आग से मौत के मुंह में समाए पांच लोगों का विसरा भी एफएसएल पहुंच गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारी ने दावा किया कि एफएसएल में विसरा की जांच करने वाले विशेषज्ञों की तादाद जरूरत की करीब 50 फीसदी ही है। इस कारण विसरा की जांच में देरी होती जाती है और पेंडेंसी बढ़ती जाती है। जांच के लिए लंबित विसरा की संख्या पांच हजार पहुंच जाती है। 

अभी एफएसएल में बिना जांच किए 1500 से ज्यादा विसरा पड़े हुए हैं। विशेषज्ञों की भर्ती हो जाए तो इनकी जांच हो जाएगी और समय से रिपोर्ट मिल जाएगी। 

दूसरी तरफ, हाईप्रोफाइल केसों में विसरा रिपोर्ट करीब एक महीने में आ जाती है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी के विसरा की रिपोर्ट एक महीने के अंदर आ गई थी। रोहित शेखर की मौत को पहले स्वाभाविक माना जा रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता लगा कि रोहित की हत्या मुंह दबाकर की गई है। उनके विसरा को जहर की जां्च के लिए सुरक्षित रखा गया था।

 इसकी रिपोर्ट में उन्हें जहर देने की बात सामने नहीं आई थी। इसी तरह, पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर के विसरा की रिपोर्ट भी एक महीने में आ गई थी। सुनंदा लीला होटल के एक कमरे में मृत पड़ी मिली थीं। 

प्राथमिकता पत्र से जल्दी होती है जांच
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, हाईप्रोफाइल केस या जांच जल्द कराने वाले विसरा के लिए प्राथमिकता पत्र लिखना पड़ता है। यह प्राथमिकता पत्र एफएसएल को जाता है, तभी विसरा की जांच जल्द होती है। जो केस हाईप्रोफाइल नहीं होता, उनको जनरल तरीके से भेजा जाता है। उनकी रिपोर्ट आने में सालों लग जाते हैं। 


दक्षिण-पश्चिमी जिले के थानों में हैं 36 विसरा
दक्षिण-पश्चिमी जिले के थानों में अभी 36 विसरा पड़े हुए हैं। इनको जांच के लिए एफएसएल भेजा जाना है। काफी समय से ये भेजे नहीं गए हैं। इस जिले के 257 केसों की विसरा रिपोर्ट आनी है। कई महीने बाद भी इनका इंतजार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed