फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi police press conference on JNU violence reveals many names with aishe ghosh

जेएनयू हिंसा मामला: पुलिस ने आइशी घोष समेत नौ आरोपी छात्रों की पहचान की

Fri, 10 Jan 2020 08:16 PM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Fri, 10 Jan 2020 08:16 PM IST
विज्ञापन
Delhi police press conference on JNU violence reveals many names with aishe ghosh
Delhi Police Press Conference - फोटो : ANI

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा मामले में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी कि इस हिंसा में शामिल नौ आरोपी छात्रों की पहचान कर ली है। इनमें जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष, एक काउंसिलर समेत सभी जेएनयू के छात्र हैं। आरोपियों में आईशी घोष समेत सात वामपंथी संगठन से और दो एबीवीपी से जुड़े हैं। पुलिस ने सबूत के तौर पर इनके पोस्टर भी जारी किए। 

विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंघावा ने बताया कि कुछ दिनों से देखा जा रहा था कि मीडिया में गलत सूचनाएं चल रही थीं। इन सूचनाओं को देखकर केस के बारे में अपडेट देने के लिए प्रेसवार्ता बुलाई गई। उन्होंने कहा कि हिंसा मामले में ज्यादातर छात्र जेएनयू के हैं। मामला बहुत ही संवेदनशील है। लिहाजा जांच में छात्रों के भविष्य को भी ध्यान में रखा जा रहा है। फिलहाल इस केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। 

विज्ञापन

तीन जनवरी को सर्वर रूम में छात्रों ने की तोड़फोड़

वहीं, क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉक्टर जॉय टिर्की ने बताया कि मीडिया में जो खबरें चल रही हैं वो पांच जनवरी की चल रही हैं। लेकिन मैं आपको थोड़ा पीछे लेकर जाता हूं। उन्होंने बताया कि जेएनयू में चार छात्र संगठन एआईएसएफ, एआईएसए, एसएफआई और डीएसएफ विंटर सेशन के रजिस्ट्रेशन के खिलाफ थे। इन चारों छात्र संगठनों के लोगों ने तीन जनवरी को सर्वर से छेड़छाड़ की। सर्वर को जबरदस्ती बंद कर दिया। वहां मौजूद कर्मियों से धक्का-मुक्की की। बाद में सर्वर को री-स्टोर कर दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चार जनवरी को फिर सर्वर रूम को फिर बनाया निशाना, छात्रों को पीटा


चार जनवरी को फिर कुछ छात्र सर्वर रूम में घुसे और इस बार सर्वर को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। इसकी वजह से रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस ठप पड़ गया। इसके बाद पांच जनवरी को रजिस्ट्रेशन करने वाले छात्रों के साथ मारपीट की गई। इन्ही लोगों ने पेरियार हॉस्टल में जाकर छात्रों को पीटा।

सर्वर खराब होने की वजह से नहीं है और सीसीटीवी फुटेज


जॉय टिर्की ने बताया कि सर्वर खराब कर देने की वजह से कैंपस के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज नहीं मिल पाई। कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं। जांच टीम के पास करीब 30 से 32 ऐसे गवाह हैं जिससे पुलिस ने बात की थी। हालांकि इनमें से किसी ने वीडियो नहीं बनाया। इसके अलावा कैंपस में हिंसा के समय कुछ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। रविवार को शाम सात बजे हिंसा के समय यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप में करीब 60 सदस्य हैं और योगेंद्र भारद्वाज इसका एडमिन है। 

आरोपी छात्रों के नाम:

  • चुनचुन कुमार: जेएनयू के पूर्व छात्र हैं और जेएनयू में ही रहते हैं 
  • पंकज मिश्रा: माही-मांडवी हॉस्टल में रहते हैं 
  • आइशी घोष: जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष
  • भास्कर विजय: छात्र।
  • सुजेता तालुकदार: जेएनयू स्कूल पार्षद 
  • प्रिया रंजन: तृतीय वर्ष का छात्र 
  • डोलन सांवत: छात्र 
  • योगेन्द्र भारद्वाज: पीएचडी, संस्कृत, ये जेएनयू हिंसा के समय बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट के एडमिन हैं
  • विकास पटेल: कोरियन भाषा से एमए कर रहे हैं

पुलिस ने जारी की ये नौ तस्वीरें



तस्वीर नंबर -2 


तस्वीर नंबर -3



तस्वीर नंबर - 4





तस्वीर नंबर - 5



तस्वीर नंबर - 6



तस्वीर नंबर - 7



तस्वीर नंबर - 8



तस्वीर नंबर - 9

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed