{"_id":"5fdf561d8ebc3e4357141157","slug":"delhi-police-opts-integrated-complaint-monitoring-system-proves-very-helpful-for-cops","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: राजधानी में कहां हो रहा है अपराध, अब सिर्फ एक क्लिक से पता लगा पा रही है पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: राजधानी में कहां हो रहा है अपराध, अब सिर्फ एक क्लिक से पता लगा पा रही है पुलिस
Sun, 20 Dec 2020 07:18 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 20 Dec 2020 07:18 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस
- फोटो : delhipolice.nic.in
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी के कौन से हिस्से में किस तरह का अपराध हो रहा है, अब बस एक क्लिक भर से दिल्ली पुलिस के अधिकारी इसका पता लगा पा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने नवंबर माह में पुलिस के पास आने वाली शिकायतों के लिए इंटीग्रेटेड कंप्लेंट मॉनिटरिंग सिस्टम (आईसीएमएस) शुरू किया था।
इसके तहत कोई भी अपनी लॉगइन आईडी बनाकर आईसीएमएस पर शिकायत कर सकता है। शिकायत अपने आप संबंधित थाने के पास पहुंच जाती है। इसके बाद शिकायतकर्ता को एसएमएस के जरिए उसकी शिकायत पर होने वाली कार्रवाई की समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
न सिर्फ इस व्यवस्था से शिकायतों के निपटारों में तेजी आई है, बल्कि किस इलाके में किस तरह का अपराध हो रहा है, उसका भी डाटा बेस तैयार हो रहा है। उस डाटा के आधार पर अपराधियों से निपटने की पुलिस रणनीति तैयार कर पा रही है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या 1.20 करोड़ थी जो अब बढ़कर दो करोड़ के आसपास हो गइ है। इतनी बड़ी आबादी के बीच औसतन हर साल दिल्ली में 1.50 लाख से अधिक शिकायतें आती हैं।
शिकायतें या तो लोग थानों में आकर करते थे या, एलजी, सीपी या एनएचआरसी के जरिए आती थीं। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से 8 नवंबर 2020 आईसीएमएस की शुरूआत की गई। पहले डेढ़ माह के लिए इस सिस्टम को ट्रायल के लिए शुरू किया गया था।
आईसीएमएस की शुरूआत के साथ ही इसके जबरदस्त परिणाम भी देखने को मिले। दिल्ली पुलिस आयुक्त से लेकर किसी भी थाने के प्रभारी को अब यह पता होता है कि किस इलाके में कौन से अपराध ज्यादा हो रहा है।
अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था को दुरस्त करने के अलावा लोगों को भी शिक्षित किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता की हर शिकायत पर कार्रवाई भी हो रही है।
विज्ञापन
इसके तहत कोई भी अपनी लॉगइन आईडी बनाकर आईसीएमएस पर शिकायत कर सकता है। शिकायत अपने आप संबंधित थाने के पास पहुंच जाती है। इसके बाद शिकायतकर्ता को एसएमएस के जरिए उसकी शिकायत पर होने वाली कार्रवाई की समय-समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
विज्ञापन
न सिर्फ इस व्यवस्था से शिकायतों के निपटारों में तेजी आई है, बल्कि किस इलाके में किस तरह का अपराध हो रहा है, उसका भी डाटा बेस तैयार हो रहा है। उस डाटा के आधार पर अपराधियों से निपटने की पुलिस रणनीति तैयार कर पा रही है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या 1.20 करोड़ थी जो अब बढ़कर दो करोड़ के आसपास हो गइ है। इतनी बड़ी आबादी के बीच औसतन हर साल दिल्ली में 1.50 लाख से अधिक शिकायतें आती हैं।
शिकायतें या तो लोग थानों में आकर करते थे या, एलजी, सीपी या एनएचआरसी के जरिए आती थीं। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से 8 नवंबर 2020 आईसीएमएस की शुरूआत की गई। पहले डेढ़ माह के लिए इस सिस्टम को ट्रायल के लिए शुरू किया गया था।
आईसीएमएस की शुरूआत के साथ ही इसके जबरदस्त परिणाम भी देखने को मिले। दिल्ली पुलिस आयुक्त से लेकर किसी भी थाने के प्रभारी को अब यह पता होता है कि किस इलाके में कौन से अपराध ज्यादा हो रहा है।
अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था को दुरस्त करने के अलावा लोगों को भी शिक्षित किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता की हर शिकायत पर कार्रवाई भी हो रही है।