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दिल्ली: आर्थिक अपराध शाखा ने नरेला अनाज मंडी के भगोड़े एजेंट को किया गिरफ्तार, 3.5 करोड़ की ठगी का है मामला
Fri, 06 Aug 2021 06:04 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 06 Aug 2021 06:04 PM IST
सार
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान पुराना अनाज मंडी ममूरा नरेला निवासी प्रेमचंद के रूप में हुई है।
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फाइल फोटो
- फोटो : AmarUjala
विस्तार
दिल्ली के नरेला अनाज मंडी में किसानों को आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा ने मंडी के भगोड़े कमीशन एजेंट को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 64 किसानों से अनाज लेकर उससे होने वाले आमदनी पर उच्च ब्याज देने का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया, बाद में वह नरेला छोड़कर फरार हो गया।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान पुराना अनाज मंडी ममूरा नरेला निवासी प्रेमचंद के रूप में हुई है। वर्ष 2019 में साधु राम (अब मृत) सहित 12 अन्य किसानों ने शाखा में ठगी की शिकायत की।
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शिकायत में बताया कि उन लोगों ने अपना कई टन अनाज और कृषि उत्पाद नरेला अनाज मंडी की दुकान मेसर्स जगराम एंड संस को बेचे। दुकानदार प्रेमचंद ने किसानों के अनाज बेचने से हुई आमदनी को अपने पास रख लिया और किसानों को उस रकम पर उच्च ब्याज देने का वादा किया। रुपये वापस मांगने पर दुकानदार फरार हो गया।
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शाखा ने मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी 64 किसानों से करीब 3.5 करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपी 2017-18 से किसानों को अधिक दर देने का आश्वासन देकर उनसे अनाज ले रहा था।
आरोपी नरेला मंडी की दुकान और घर को बैंक में गिरवी रखा था। पैसे नहीं मिलने पर बैंक ने उसकी नीलामी कर दी थी। लगातार फरार रहने की वजह से पुलिस ने अदालत से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाया। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर अदालत ने आरोपी को भगोड़ा करार दिया।
उसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली समेत हरियाणा के कई जगहों पर दबिश। इस दौरान पुलिस को पता चला कि वह फरीदाबाद में अपने परिवार के साथ रह रहा है।
पुलिस ने 3 अगस्त को सेक्टर 37 फरीदाबाद स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रेमचंद दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कारोबार में घाटा होने की वजह से ठगी को अंजाम दिया।