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चीन-दुबई से भारत में करोड़ों की ठगी: दिल्ली पुलिस की छापेमारी में 3 गिरफ्तार, जॉब के बहाने हजारों बने शिकार
Fri, 27 Jan 2023 09:22 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 27 Jan 2023 09:22 PM IST
सार
पुलिस के अनुसार ये लोग युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे पैसे ऐंठते थे। यह तीनों अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं और इनका बेस दुबई व चीन में है।
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delhi police
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाहरी उत्तरी जिला साइबर सेल ने ऑनलाइन पार्ट टाइम नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11 हजार लोगों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा कर दिल्ली, गुरुग्राम और फतेहाबाद से तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चीन में बनाई अमेजन की फर्जी वेबसाइट के जरिये मोटी कमाई कर रहे थे। गिरोह सरगना चीन और दुबई के जरिए जॉर्जिया से गिरोह चला रहा है।
आरोपियों ने ठगी गई करोड़ों की रकम को सात कंपनियों में ट्रांसफर किया है। ठगे गए पैसे को आरोपी ऑफशोर, क्रिप्टो, रेज़र पे और अन्य ऐप्स की मदद से भेजते थे। पुलिस ने सात खातों में 15 लाख से ज्यादा रुपये फ्रीज किए हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने चीन और दुबई में पैसे निकालने में इस्तेमाल सिम कार्ड और पांच मोबाइल भी बरामद किए हैं। सरगना को पकड़ने के लिए पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को महिला शिकायतकर्ता ने ठगी की शिकायत की थी। उसे इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के माध्यम से अमेजन पर ऑनलाइन पार्ट टाइम नौकरी दिलाने का लालच देकर 1.18 लाख रुपये ठगे गए थे। इसके बाद निरीक्षक रमन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि जालसाज जिस इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं वह बीजिंग, चीन से संचालित की जा रही है। शिकायतकर्ता को अमेजन की फर्जी वेबसाइट में निवेश करवाया गया। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर भी भारत से बाहर से संचालित किया जा रहा था।
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पुलिस ने एनपीसीआई और कोटक महिंद्रा बैंक को ईमेल लिखकर संदिग्ध लेनदेन के लाभार्थी का विवरण मांगा तो बैंक से प्राप्त जानकारी से पता चला कि पीड़ितों से पैसे जमा करने के लिए कृष्णा एंटरप्राइजेज के नाम से शेल फर्म खाते का उपयोग किया था। कोटक महिंद्रा बैंक से प्राप्त विवरणों से पता चला कि 22 सितंबर को खाते में 5.17 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। कृष्णा एंटरप्राइजेज खाते की जांच में पता चला कि पूरी राशि को 7 अलग-अलग फर्मों में भेजा गया। पैसे की हेराफेरी क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशी खातों में की गई है।
इसके बाद खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की तकनीकी विश्लेषण के बाद नजफगढ़ निवासी सतीश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि दुबई और जॉर्जिया में बैठे सरगना के निर्देश पर गुरुग्राम निवासी अभिषेक गर्ग ने उसे सिम दिया था। पुलिस ने आरोपी अभिषेक के मोबाइल फोन की जांच की तो मामले में संलिप्त होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस ने आरोपी फतेहाबाद, हरियाणा निवासी संदीप महला को बाद में खाते से विदेश में बैठे जालसाजों को रेजर पे के जरिए पैसे भेजने का सबूत मिलने पर दबोच लिया।
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आरोपियों ने ठगी गई करोड़ों की रकम को सात कंपनियों में ट्रांसफर किया है। ठगे गए पैसे को आरोपी ऑफशोर, क्रिप्टो, रेज़र पे और अन्य ऐप्स की मदद से भेजते थे। पुलिस ने सात खातों में 15 लाख से ज्यादा रुपये फ्रीज किए हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने चीन और दुबई में पैसे निकालने में इस्तेमाल सिम कार्ड और पांच मोबाइल भी बरामद किए हैं। सरगना को पकड़ने के लिए पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
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पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को महिला शिकायतकर्ता ने ठगी की शिकायत की थी। उसे इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के माध्यम से अमेजन पर ऑनलाइन पार्ट टाइम नौकरी दिलाने का लालच देकर 1.18 लाख रुपये ठगे गए थे। इसके बाद निरीक्षक रमन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि जालसाज जिस इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं वह बीजिंग, चीन से संचालित की जा रही है। शिकायतकर्ता को अमेजन की फर्जी वेबसाइट में निवेश करवाया गया। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर भी भारत से बाहर से संचालित किया जा रहा था।
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पुलिस ने एनपीसीआई और कोटक महिंद्रा बैंक को ईमेल लिखकर संदिग्ध लेनदेन के लाभार्थी का विवरण मांगा तो बैंक से प्राप्त जानकारी से पता चला कि पीड़ितों से पैसे जमा करने के लिए कृष्णा एंटरप्राइजेज के नाम से शेल फर्म खाते का उपयोग किया था। कोटक महिंद्रा बैंक से प्राप्त विवरणों से पता चला कि 22 सितंबर को खाते में 5.17 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। कृष्णा एंटरप्राइजेज खाते की जांच में पता चला कि पूरी राशि को 7 अलग-अलग फर्मों में भेजा गया। पैसे की हेराफेरी क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेशी खातों में की गई है।
इसके बाद खाते से जुड़े मोबाइल नंबर की तकनीकी विश्लेषण के बाद नजफगढ़ निवासी सतीश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि दुबई और जॉर्जिया में बैठे सरगना के निर्देश पर गुरुग्राम निवासी अभिषेक गर्ग ने उसे सिम दिया था। पुलिस ने आरोपी अभिषेक के मोबाइल फोन की जांच की तो मामले में संलिप्त होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस ने आरोपी फतेहाबाद, हरियाणा निवासी संदीप महला को बाद में खाते से विदेश में बैठे जालसाजों को रेजर पे के जरिए पैसे भेजने का सबूत मिलने पर दबोच लिया।