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वैवाहिक वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बना करते थे ठगी, चार नाइजीरियाई युवक गिरफ्तार
Wed, 06 Mar 2019 12:54 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 06 Mar 2019 12:54 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर सेल ने ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चार नाइजीरियाई युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैवाहिक वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी करते थे। ये शादी का झांसा देकर युवतियों से दोस्ती कर लेते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी कई लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं।
साइबर सेल आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आरोपियों की पहचान रेमंड (28), मेलोडी (21), करीम रिजवान और ओसस क्लीफोर्ड के रूप में हुई है।
ये सोशल मीडिया से किसी और की सूचना व फोटो लेकर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके बाद ये युवती से दोस्ती करते थे और फिर शादी का झांसा देते थे। इन्होंने भारत में ही कंप्यूटर चलाना सीखा और फिर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
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स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट डीसीपी अन्येश रॉय के अनुसार पुणे निवासी एक युवती ने साइबर सेल में शिकायत दी थी कि उसने वैवाहिक वेबसाइट पर एक तिवारी पंडित का प्रोफाइल देखा। इसके बाद दोनों आपस में बात करने लगे। जब एक-दूसरे पर विश्वास हो गया तो तिवारी पंडित ने कहा कि वह विदेश में रहता है और उसके लिए कुछ सामान भेज रहा है।
इसके बाद एक महिला का युवती के पास फोन आया और खुद को कस्टम व एक्साइज विभाग का अधिकारी बताते हुए सामान को छुड़ाने के लिए 24 हजार रुपये एक बैंक खाते में जमा कराने को कहा। युवती ने पैसे जमा करा दिए। बाद में युवती से और पैसा मांगने लगे तो उसे संदेह हुआ और युवती ने इसकी शिकायत पुलिस में की।
मामला दर्जकर एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर अरुण वर्मा और एसआई नितिन मुदगल ने जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस टीम को पता लगा कि आरोपी बिटा-दो, ग्रेटर नोएडा, परी चौक के पास एक फ्लैट में है। पुलिस टीम ने यहां दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तीन लैपटॉप और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
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साइबर सेल आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आरोपियों की पहचान रेमंड (28), मेलोडी (21), करीम रिजवान और ओसस क्लीफोर्ड के रूप में हुई है।
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ये सोशल मीडिया से किसी और की सूचना व फोटो लेकर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके बाद ये युवती से दोस्ती करते थे और फिर शादी का झांसा देते थे। इन्होंने भारत में ही कंप्यूटर चलाना सीखा और फिर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
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स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट डीसीपी अन्येश रॉय के अनुसार पुणे निवासी एक युवती ने साइबर सेल में शिकायत दी थी कि उसने वैवाहिक वेबसाइट पर एक तिवारी पंडित का प्रोफाइल देखा। इसके बाद दोनों आपस में बात करने लगे। जब एक-दूसरे पर विश्वास हो गया तो तिवारी पंडित ने कहा कि वह विदेश में रहता है और उसके लिए कुछ सामान भेज रहा है।
इसके बाद एक महिला का युवती के पास फोन आया और खुद को कस्टम व एक्साइज विभाग का अधिकारी बताते हुए सामान को छुड़ाने के लिए 24 हजार रुपये एक बैंक खाते में जमा कराने को कहा। युवती ने पैसे जमा करा दिए। बाद में युवती से और पैसा मांगने लगे तो उसे संदेह हुआ और युवती ने इसकी शिकायत पुलिस में की।
मामला दर्जकर एसीपी आदित्य गौतम की देखरेख में इंस्पेक्टर अरुण वर्मा और एसआई नितिन मुदगल ने जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस टीम को पता लगा कि आरोपी बिटा-दो, ग्रेटर नोएडा, परी चौक के पास एक फ्लैट में है। पुलिस टीम ने यहां दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तीन लैपटॉप और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।