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कोरोना काल में पुलिस की भी बढ़ी चुनौतियां, अपराध के साथ संक्रमण की रोकथाम के लिए की जा रही कवायद
Mon, 24 Aug 2020 08:41 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 24 Aug 2020 08:41 PM IST
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दिल्ली पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : amar ujala
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कोरोना संक्रमण के चलते देश में 24 मार्च से लॉकडाउन लागू कर दिया था। लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए डॉक्टरों के साथ-साथ पुलिस के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती के रूप में था। पुलिस ने इन पांच महीनों में मास्क से लेकर सोशल डिस्टेंसिंग पालन कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नतीजतन, दिल्ली पुलिस ने 24 मार्च से 23 अगस्त तक के बीच 17,4405 लोगों के मास्क न पहनने पर चालान किए, जबकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर 20,265 लोगों के चालान किए गए।
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दिल्ली पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है, जिसके तहत बीते पांच महीनों में पूरी दिल्ली में अब तक 1,97,239 फेस मास्क मुफ्त बांट चुकी है। पुलिस सुबह-शाम पार्क में भी जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने की हिदायत दे रही है।
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इसके अलावा थानों में पीड़ितों की सुनवाई के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है। शनिवार को गोविंदपुरी थाने में सुनवाई के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लांच किया गया। साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कोरोना महामारी को देखते हुए इस सिस्टम के जरिए पुलिसकर्मियों और आम लोगों को कोरोना से बचाया जा सकेगा।
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पुलिस ने की इन 6 स्टेज की व्यवस्था
स्टेज 1 : लोगों के सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठने की व्यवस्था होगी।
स्टेज 2 : सैनिटाइजर मशीन की व्यवस्था की गई है।
स्टेज 3 : थर्मल टेंपरेचर मशीन लगाई है, जो बिना किसी पुलिसकर्मी के ही लोगों के शरीर का तापमान ले लेगी।
स्टेज 4 : ऑडियो-वीडियो इंटरेक्शन सुविधा। पीड़ित लोग कॉन्फ्रेंस के जरिए पुलिसकर्मियों से बात कर सकेंगे।
स्टेप 5 : यूवी मशीन लगाई हैं, जो डॉक्यूमेंट के जरिए होने वाले इंफेक्शन को कम कर सकेगी।
स्टेज 6 : इंटरकॉम की सुविधा। यानी, कोई भी आदमी बिना पुलिस वाले के सीधे संपर्क में आए अपनी बात को रख सकता है।