Parliament Security Breach: संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा, दो साल से रची जा रही थी साजिश
Parliament Security Breach: पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर के समक्ष दिल्ली पुलिस की और से पेश लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी सरकार को उनकी अवैध मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर करने के लिए देश में अराजकता की स्थिति पैदा करना चाहते थे।
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दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अदालत को बताया कि संसद में हालिया सुरक्षा उल्लंघन के पीछे की साजिश पिछले दो साल से रची जा रही थी। पुलिस ने मामले में गिरफ्तार छठे आरोपी महेश कुमावत का रिमांड मांगते हुए यह तर्क रखा। अदालत ने आरोपी को सात दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया।
पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर के समक्ष दिल्ली पुलिस की और से पेश लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी सरकार को उनकी अवैध मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर करने के लिए देश में अराजकता की स्थिति पैदा करना चाहते थे।
लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि कुमावत सह आरोपी ललित झा के साथ डिजिटल साक्ष्य को नष्ट करने में शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि महेश पिछले दो वर्षों से अन्य सह-अभियुक्तो के साथ जुड़ा हुआ है और उनके बीच हुई बैठक में भी शामिल हुआ था। दूसरी ओर कुमावत की ओर से पेश कानूनी सहायता वकील ने इस आधार पर 15 दिनों की पुलिस रिमांड का विरोध किया कि आरोपी को गिरफ्तारी के आधार के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
इससे पहले अदालत ने पांच सह-अभियुक्तों सागर शर्मा, मनोरंजन डी, नीलम वर्मा, अमोल शिंदे और ललित झा को सात दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। 2001 के संसद आतंकवादी हमले की बरसी पर एक बड़े सुरक्षा उल्लंघन में दो व्यक्ति सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा के कक्ष में कूद गए, जब शून्य काल चल रहा था। दोनों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में की गई।
सोशल मीडिया पर सामने आईं तस्वीरों और वीडियो में दोनों पीली गैस छोड़ने वाले कनस्तरों को पकड़े नजर आ रहे हैं। वे नारे भी लगा रहे थे। अमोल शिंदे और नीलम देवी के रूप में पहचाने गए दो अन्य आरोपियों ने भी संसद परिसर के बाहर इसी तरह के कनस्तरों से रंगीन गैस का छिड़काव किया। वे कथित तौर पर चिल्ला रहे थे तानाशाही नहीं चलेगी।