गूगल से सीखा लॉक खोलना और बन गए वाहन चोर, घरों के ताले से की थी शुरुआत
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गूगल पर लॉक खोलने की कला सीखकर वाहन चोरी करने वाले तीन आरोपियों को इंद्रपुरी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 4 बुलेट, 1 बाइक और 4 स्कूटी बरामद की है। पकड़े गए आरोपियों में एक के पास कंप्यूटर कोर्स का डिप्लोमा है और वह फर्जी कागजात बनाने में माहिर है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने 9 मामले सुलझाने का दावा किया है।
जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि आरोपियों की पहचान कृषि कुंज निवासी राहुल कुमार (23), होशियार सिंह (23) और दसघरा निवासी हिमांशु प्रताप सिंह (24) के रूप में हुई।
इंद्रपुरी पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीनों बदमाशों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने नौ वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लेकर पुलिस ने पांच अन्य वाहन बरामद किए, जिन्हें उत्तम नगर, नारायणा, हरिनगर, पहाड़गंज और राजेंद्र नगर इलाके से चुराया गया था। 12वीं पास राहुल कुमार ने जल्द रुपये कमाने के लिए अपने दोनों दोस्तों के साथ गैंग बनाया और वाहन चोरी करने लगे।
होशियार सिंह ने फोटोशॉप, कोरल ड्रा और डिजाइन में डिप्लोमा कर रखा है। उसे फर्जी कागजात बनाने में महारत हासिल है। हिमांशु गैंग के सरगना राहुल का रिश्तेदार है। आरोपियों पूछताछ में बताया कि उन्होंने गूगल पर वाहनों को अनलॉक करने की तकनीक सीखी थी।
पहले उन्होंने घर के वाहनों पर आजमाया और फिर दिल्ली के कई जगहों से वाहनों की चोरी करने लगे। वह वाहनों के फर्जी कागजात बनाकर उन्हें बेचने के फिराक में थे।