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दिल्ली: फर्जी ई-कॉमर्स कंपनी का भंडाफोड़, पकड़ा गया सरगना

Sun, 07 Jul 2019 06:37 AM IST
Abhishek Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Sun, 07 Jul 2019 06:37 AM IST
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Delhi Police arrested master mind of false E-commerce Company
Online Shopping - फोटो : Social Media

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने कालकाजी इलाके से एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ऑनलाइन खरीदारी के लिए फर्जी ई-कॉमर्स कंपनी रजिस्टर्ड करा रखी थी। इसके जरिए ऑफर में सामान देने की बात कर लोगों को जाल में फंसाया जाता था। सामान खरीदते ही आरोपी मेल या मैसेज कर पीड़ित को लक्की ड्रा में कार, बुलेट बाइक जैसे इनाम निकलने की बात कर उनकी रकम ठग लिया करते थे।

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गिरफ्तार किए गए आरोपी दीपक नेगी निवासी टिहरी (उत्तराखंड) से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि एक साल में एक हजार से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। मामले में कई अन्य आरोपियों की तलाश है।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि मई 2019 में भुवनेश्वचर, ओडिशा यूनिवर्सिटी में महिला प्रोफेसर ने करीब 63 हजार रुपये ठगी की शिकायत कालकाजी थाने में दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि key4kart.com नामक कंपनी से कुछ सामान खरीदा था, जिसका रजिस्टर्ड दफ्तर कालकाजी इलाके में है। 1299 रुपये का सामान जब घर पहुंचा तो वह बेहद घटिया था।
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इसी बीच उनके पास एक ई-मेल आया, जिसमें बताया कि कंपनी के लक्की ड्रा में उनकी बुलेट मोटर साइकिल निकली है। पीड़िता झांसे में आ गई। आरोपियों ने पीड़िता से जेडपेयू ऐप व अन्य ऐप से करीब 61 हजार रुपये से अधिक ठग लिए, लेकिन बाइक नहीं मिली। गुजरात से भी एक शख्स ने कालकाजी थाने में इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई। उसे लक्की ड्रा में कार जीतने की बात कर 5.84 लाख रुपये ठगे गए।

ऐसे पकड़ा गया आरोपी दीपक

दोनों शिकायतों पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस रजिस्टर्ड पते पर पहुंची तो वहां से आरोपी अपना सामान समेट कर फरार हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ताओं द्वारा पेमेंट की डिटेल निकाली तो उसमें पता चला कि आरोपियों ने आईसीआईसीआई बैंक में विभिन्न ऐप से रुपये ट्रांसफर किए हैं। बाद में उन्हें एटीएम व सेल्फ चेक की मदद से निकाला गया।

पुलिस ने खाताधारक का पता किया तो वह दीपक नेगी के नाम पर निकला। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को बी-ब्लॉक कालकाजी इलाके से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने ठगी की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह अपने साथी परमेश्वर उर्फ राहुल, मनमोहन उर्फ मुन्नू, भारत लालवानी और अंश लालवानी के साथ मिलकर कई साल से ठगी कर रहा है।

इस तरह करते थे ठगी

आरोपियों ने अपनी फर्जी ऑनलाइन कंपनी रजिस्टर्ड कराई हुई थी। इसके लिए बाकायदा यह लोग कॉल सेंटर चलाते थे। वहां रखे गए लड़के-लड़कियां लोगों को कॉल कर सामान खरीदने के लिए कहते थे। सामान बेहद घटिया क्वालिटी का होता था। सामान खरीदने के बाद लक्की ड्रा में महंगे गिफ्ट देने की बात करते थे।


गिफ्ट के नाम पर आरोपी कुरिअर चार्ज, इंश्योरेंस, इनाम की रकम, टैक्स, केवाईसी दस्तावेज, सिक्योरिटी मनी आदि मदों में रुपये ऑनलाइन अपने खातों में ट्रांसफर कराते थे। फर्जी आईडी पर लिए मोबाइल नंबरों का भी इस्तेमाल करते थे। ठगी के बाद मोबाइल व सिम का इस्तेमाल बंद कर दिया जाता था। दीपक नेगी 12वीं कक्षा पास है।

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