प्लेसमेंट एजेंसी का घिनौना काम: लड़कियों को नौकरी का लालच देकर दिल्ली लाता था दरिंदा, फिर करता था शर्मनाक हरकत, आरोपी गिरफ्तार
पकड़ा गया आरोपी प्लेसमेंट एजेंसी चलाता था। वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को असम से दिल्ली लाता था और कोठियों में घरेलू सहायिका की नौकरी दिलाता था। आरोपी ने 2014 व 2015 में दो नाबालिग किशोरियों के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में जुट गई है।
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दिल्ली की उत्तर पश्चिम जिला स्पेशल स्टाफ पुलिस ने असम से नाबालिग लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली लाकर उनके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ दो नाबालिग लड़कियों ने नेताजी सुभाष प्लेस थाने में मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने आरोपी को घटना के आठ साल बाद गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों ही मामलों में आरोपी को भगोड़ा करार दिया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर जांच में जुटी है।
जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि आरोपी की पहचान मूलत: बिहार निवासी ब्रह्म देव चौधरी के रूप में हुई है। वह फिलहाल हरियाणा के फरीदाबाद के सूर्या विहार में रह रहा था। वर्ष 2014 में असम की रहने वाली 13 साल की लड़की ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जांच में पता चला कि आरोपी दिल्ली में प्लेसमेंट एजेंसी चलाता था।
आरोपी असम से दिल्ली लाता था लड़कियां
पकड़ा गया आरोपी नाबालिग लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर असम से दिल्ली लाता था। वह लड़कियों को कोठियों में घरेलू सहायिका के तौर पर काम कर लगा देता था। शिकायत करने वाली पीड़िता भी एक कोठी में 7-8 दिनों तक काम करने के बाद शकूरपुर में स्थित आरोपी व्यक्ति की प्लेसमेंट एजेंसी के कार्यालय में लौट आई थी। जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने फिर से उसे पीतमपुरा की एक कोठी में काम पर लगा दिया था। बाद में पीड़िता ने वहां से भागकर पुलिस स्टेशन पहुंचकर इसकी शिकायत की थी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था।
2015 में एक अन्य लड़की ने लगाया दुष्कर्म का आरोप
इसी तरह से साल 2015 में भी असम की रहने वाली एक 15 साल की लड़की ने आरोपी ब्रह्म देव चौधरी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस बार भी दुष्कर्म, पॉक्सो और जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस से बचने को आरोपी मोबाइल का नहीं करता था प्रयोग
पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार हो गया। पुलिस से बचने के लिए वह मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। पुलिस लगातार उसके बिहार स्थित गांव में दबिश दे रही थी लेकिन वह गांव नहीं जा रहा था। अदालत ने दोनों मामलों में उसे भगोड़ा करार दिया। स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक अमित कुमार को एक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी बृहस्पतिवार को सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास किसी से मिलने आ रहा है। उसके बाद पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।