Delhi : पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में गिरी पुरानी इमारत, दो लोगों की मौत- एक गंभीर रूप से घायल; तफ्तीश जारी
मलबे में मकान के भूतल पर जींस की फैक्टरी में काम कर रहे दो कर्मचारी समेत तीन युवक दब गए। पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। मकान गिरने की खबर मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग भी वहां पहुंच गया।
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वेलकम स्थित कबीर नगर में बुधवार आधी रात को दो मंजिला मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। मलबे में मकान के भूतल पर जींस की फैक्टरी में काम कर रहे दो कर्मचारी समेत तीन युवक दब गए। पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। मकान गिरने की खबर मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग भी वहां पहुंच गया।
इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों युवकों निकालकर जीटीबी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में अरशद अंसारी (22) और तौहीद (19) को मृत घोषित कर दिया गया जबकि रेहान (22) की हालत नाजुक बनी हुई है। उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। हादसे के बाद मकान मालिक शाहिद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि गिरने वाले मकान के बगल में 50 गज का एक और मकान है। कुछ समय से वह टूट रहा है। शाहिद ने उसका मलबा जमींदोज हुए मकान की छत पर रखवा दिया था। टुकड़ी-टी-आयरन की छत से बना मकान मलबे का वजट सह नहीं पाया और ढह गया। जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि कबीर नगर, गली नंबर-4, डी-43 में शाहिद के 50-50 गज के दो मकान हैं।
भूतल पर शाहिद की जींस की फैक्टरी चल रही थी जबकि पहली मंजिल खाली थी। बराबर में दूसरे मकान को तोड़ने का काम चल रहा था। इसका मलबा और ईंट निकालकर फैक्टरी वाले मकान की छत पर रखा जा रहा था। रात करीब सवा दो बजे अचानक फैक्टरी वाला मकान भरभराकर जमींदोज हो गया।
हादसे के समय फैक्टरी में काम कर रहे कटिंग मास्टर अरशद, सहायक तौहीद और अरशद का दोस्त रेहान मलबे में दब गए। कटर की मदद से लोहे के गर्डर और टी-आयरन काटकर किसी तरह धीरे-धीरे मलबे को हटाया गया। एक-एक कर तीनों घायलों को मलबे से निकालकर जीटीबी अस्पताल भेजा गया। अरशद फैक्टरी में करीब ढाई साल से कटिंग मास्टर था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिए हैं।
हादसों के कुछ अन्य मामले
- 8 मार्च 2023: भजनपुरा में चार मंजिला इमारत गिरी। कोई हताहत नहीं।
- 16 अप्रैल 2023: टैगोर गार्डन इलाके में तीन मंजिला इमारत गिरी। कोई हताहत नहीं।
- 9 सितंबर 2022: आजाद मार्केट इलाके में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत गिरी। चार घायल।
- 29 अप्रैल 2022: सत्य निकेतन में निर्माणाधीन इमारत गिरी। दो मजदूरों की मौत व तीन घायल।
- 21 सितंबर 2020: हौजकाजी के सीताराम बाजार में दो मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी। कोई हताहत नहीं।
धड़ाम की तेज आवाज लगा जैसे भूकंप आ गया
कबीर नगर में रमजान के कारण सहरी की तैयारी चल रही थी। गली में भी चहल-पहल थी। अचानक धड़ाम की तेज आवाज आई और लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया है। इस बीच शाहिद के मकान की ओर धूल का बड़ा गुबार दिखा। कुछ देर बाद गुबार साफ हुआ तो दोमंजिला मकान जमींदोज हो चुका था।
आनन-फानन में लोग मदद के लिए भागे। इस दौरान अरशद, तौहीद और रेहान के परिजन भी पहुंच गए। मलबा अधिक होने से बचाव दल को काफी दिक्क्त हुई। काफी देर बाद तीनों को मलबे से निकाला गया। अरशद और तौहीद की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। शरीर में कई जगह फ्रेक्चर आए थे। रेहान के सिर में भी गंभीर चोट थी। मोहम्मद आशु ने बताया कि दोस्त रेहान पांच मिनट पहले ही अरशद और तौहीद से मिलने की बात कहकर फैक्टरी गया था, लेकिन हादसे का शिकार हो गया।
अरशद के ताऊ के बेटे नवाजिश ने बताया कि रमजान के कारण दिन की जगह रात में अरशद और तौहीद फैक्टरी आकर काम निपटा रहे थे। फैक्टरी मालिक ने बुधवार को फैक्टरी का सामान समेटकर जल्द ही खाली करने के लिए कहा था। शाहिद फैक्टरी वाले मकान को भी नए सिरे से बनाने वाला था।
अकेला कमाने वाला था अरशद : कई सालों से अरशद कटिंग मास्टर का काम कर परिवार का खर्चा उठा रहा था। पिता शरीफ अहमद उर्फ बॉबी पेशे से ऑटो चालक हैं, लेकिन तबीयत खराब रहने से वे ज्यादा ऑटो नहीं चला पाते हैं। परिवार में पिता के अलावा मां शाहीन बेगम, दो बहनें अलीना और इल्मा के अलावा छोटा भाई समीर है। पूरे घर की जिम्मेदारी अरशद के कंधों पर ही थी। दो माह पूर्व परिवार ने बड़ी बेटी अलीना का रिश्ता किया था। घर में शादी की तैयारी चल रही थी। अचानक अरशद की मौत ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है।
खाना खाकर एक बजे फैक्टरी आया था तौहीद
तौहीद ने ईशा की नमाज पढ़कर खाना खाया था। इसके बाद दोस्तों के साथ घूमता रहा। रात करीब एक बजे वह फैक्टरी पहुंचा। अरशद और तौहीद मिलकर फैक्टरी में काम कर रहे थे। इस दौरान रेहान भी आ गया। तौहीद के परिवार में पिता अब्दुल गफ्फूर, मां समीना रानी, पांच बहनों के अलावा बड़ा भाई अब्दुल रउफ है। बड़े भाई ने बताया कि डेढ़ साल से तौहीद कटिंंग मास्टर का काम सीख रहा था। अब काफी हद तक वह काम करने भी लगा था। अचानक उसकी मौत से सब बिखर गया। वहीं, रेहान के परिवार में पिता फरीद अहमद के अलावा मां, दो भाई व दो बहनें हैं। पिता फरीद का जैकेट बनाने काम है। -- शुजात आलम