{"_id":"6967f911b17bdfd52a09ca6c","slug":"delhi-ngt-strict-on-sewage-found-in-drinking-water-seeks-response-from-three-states-2026-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: पेयजल में सीवेज मिलने पर एनजीटी सख्त, तीन राज्यों से जवाब तलब; नोएडा में दूषित जल जनित बीमारी का जिक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: पेयजल में सीवेज मिलने पर एनजीटी सख्त, तीन राज्यों से जवाब तलब; नोएडा में दूषित जल जनित बीमारी का जिक्र
Thu, 15 Jan 2026 01:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Jan 2026 01:44 AM IST
सार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में सीवेज मिला पानी पीने से कई लोग, खासकर बच्चे, बीमार पड़ गए।
विज्ञापन
एनजीटी
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पेयजल में सीवेज मिलने की गंभीर समस्या पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्वतः संज्ञान लिया है। एनजीटी ने इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताया है। एनजीटी ने यह कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट के आधार पर की है। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि पानी की पाइपलाइनें खुले नालों और सीवर लाइनों से होकर गुजर रही हैं।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में सीवेज मिला पानी पीने से कई लोग, खासकर बच्चे, बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हुईं। भोपाल के कुछ इलाकों में पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाए जाने की भी खबर है। राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर, अजमेर और बोरा जैसे शहर भी प्रभावित बताए गए हैं।
विज्ञापन
एनजीटी ने कहा है कि यह मामला पर्यावरण संरक्षण कानून और जल प्रदूषण नियंत्रण कानून के उल्लंघन की ओर इशारा करता है। न्यायपीठ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों, उनके प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और पर्यावरण मंत्रालय से इस पर जवाब मांगा है। एनजीटी ने साफ किया है कि लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ पेयजल मिलना उनका अधिकार है और इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी। मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन