{"_id":"5d27bcd28ebc3e6d007df146","slug":"delhi-need-stronger-law-to-control-on-cyber-crime","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए मजबूत कानून की जरूरत: डॉ. दुग्गल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर अपराधों पर अंकुश के लिए मजबूत कानून की जरूरत: डॉ. दुग्गल
Fri, 12 Jul 2019 04:18 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 12 Jul 2019 04:18 AM IST
विज्ञापन
सेमिनार में बोलते साइबर विशेषज्ञ पवन दुग्गल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में साइबर अपराधों के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह साइबर कानून का नहीं होना है। साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। यह कहना है कि देश के मशहूर वकील व साइबर एक्सपर्ट डॉ. पवन दुग्गल का है। दुग्गल की संस्था की ओर से बृहस्पतिवार को राउंड टेबल कांफ्रेस का आयोजन किया गया। इसमें कारोबारी जगत, मीडियाकर्मियों, शिक्षाविदों व अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
दुग्गल ने बताया कि इस समय सबसे बड़ा साइबर अपराध डाटा और वित्तीय चोरी का है। देश में इस साल करीब 10 मिलियन डॉलर की वित्तीय चोरी की आशंका है और विश्व स्तर पर इसका आंकड़ा दो खरब डॉलर से ज्यादा का है। इसका मुख्य कारण देश में अपना साइबर अपराध कानून का न होना है। अभी साइबर अपराधों को आईटी एक्ट में कवर किया जाता है। यह जमानती अपराध हैं और तीन साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है। ऐसे में सख्त और मजबूत साइबर कानून बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कानून बनाने में कोई दिक्कत नहीं। राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के पास साइबर अपराधों का काफी डाटा है। उसे एकत्र करने की जरूरत है।
विज्ञापन
साइबर अपराध व सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि लोगों में जागरुकता की कमी व मजबूत कानून के अभाव में साइबर अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। साइबर सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्या कदम उठाए जाएं, इस पर भी चर्चा की गई। इस दौरान लोगों ने कहा कि विदेशों में बैठे हैकर हमारे साइबर क्षेत्र में लगातार घुसपैठ कर रहे हैं और इसमें सर्च इंजन की भी बड़ी भूमिका है। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जरूरी है कि हम अपने देश में ही ज्यादातर सॉफ्टवेयर का निर्माण करें।
विज्ञापन
भारत सरकार के संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक राकेश महेश्वरी ने कहा कि इस समय साइबर जगत का नियंत्रण हमारे बच्चों के हाथ में है। शिक्षक व अभिभावक भी बच्चों से कम जानते हैं क्योंकि उन्हें जानकारी नहीं है। बच्चों पर अंकुश लगाना उनके नियंत्रण में नहीं है। हम इंटरनेट पर जो सामग्री है, उसे रोकने के उपाय कर सकते हैं। इससे संबंधित शिकायतों के लिए पोर्टल भी बनाया गया है।