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दिल्ली: एनडीएमसी को चप्पे-चप्पे पर नजर के साथ मिली नियंत्रण की शक्ति
Sat, 12 Sep 2020 11:38 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 12 Sep 2020 11:38 AM IST
सार
- उपराज्यपाल ने नवनिर्मित एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र का किया उद्घाटन
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ndmc
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) अब अपने क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के साथ नियंत्रण करने में सक्षम हो गई है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को एनडीएमसी के मुख्यालय पालिका केंद्र में नवनिर्मित एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र का वीडियो कॉन्फ्रेंस से उद्घाटन किया। इस अवसर पर सांसद मीनाक्षी लेखी और एनडीएमसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र भी मौजूद थे। वहीं, वीडियो कांन्फ्रेंस से एनडीएमसी द्वारा निर्मित मंदिर मार्ग स्थित शेरा मैदान खेलकूद परिसर का भी उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर एलजी बैजल ने कहा कि डिजिटल युग में नागरिक सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी की निगरानी के साथ ट्रैकिंग में सुधार के लिए यह तकनीक का नया स्मार्ट पैकेज है। उन्होंने एनडीएमसी के अध्यक्ष को तीनों निकायों को इस तकनीक को दिखाने का सुझाव दिया।
सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के अनुसार स्मार्ट सिटी बनाने के लिए देश की राजधानी में एक अनूठा तकनीकी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य नागरिक सेवाओं की दक्षता में वृद्धि, सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ाना और निवासियों के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता को बढ़ावा देकर प्रशासन में उपयुक्त सुधार करना है।
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19 सेवाएं प्लेटफॉर्म पर एकीकृत
एनडीएमसी अध्यक्ष धर्मेंद्र ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 65 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत प्लेटफॉर्म पर कई विभागों की सेवाओं को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 19 से अधिक परिषद की ठोस कूड़ा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्किंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बिजली और पानी के बिल आदि सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। अब एक ही स्क्रीन पर इन सभी सेवाओं का वास्तविक समय के अनुसार डाटा देखने और उनकी सेवाओं को नियंत्रण करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में और भी सेवाओं को जोड़ा जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से एनडीएमसी इलाके में विभिन्न जगहों पर लगाए गए कैमरे और सेंसर की मदद से सेवाओं के बारे में एक ही स्थान पर जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही उक्त सेवाओं के संबंध में निर्णय भी लिया जा सकेगा। साथ ही किसी भी संकट की घड़ी में किसी भी आपदा से निपटने के लिए एनडीएमसी के नियंत्रण केंद्र से मदद मिल सकेगी जो संबंधित विभागों की सेवाओं को जोड़कर आपदा से निपटने में मदद करेगा।
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इस अवसर पर एलजी बैजल ने कहा कि डिजिटल युग में नागरिक सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी की निगरानी के साथ ट्रैकिंग में सुधार के लिए यह तकनीक का नया स्मार्ट पैकेज है। उन्होंने एनडीएमसी के अध्यक्ष को तीनों निकायों को इस तकनीक को दिखाने का सुझाव दिया।
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सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के अनुसार स्मार्ट सिटी बनाने के लिए देश की राजधानी में एक अनूठा तकनीकी कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य नागरिक सेवाओं की दक्षता में वृद्धि, सुरक्षा और संरक्षा को बढ़ाना और निवासियों के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता को बढ़ावा देकर प्रशासन में उपयुक्त सुधार करना है।
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19 सेवाएं प्लेटफॉर्म पर एकीकृत
एनडीएमसी अध्यक्ष धर्मेंद्र ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 65 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत प्लेटफॉर्म पर कई विभागों की सेवाओं को जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 19 से अधिक परिषद की ठोस कूड़ा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्किंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, बिजली और पानी के बिल आदि सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। अब एक ही स्क्रीन पर इन सभी सेवाओं का वास्तविक समय के अनुसार डाटा देखने और उनकी सेवाओं को नियंत्रण करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में और भी सेवाओं को जोड़ा जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से एनडीएमसी इलाके में विभिन्न जगहों पर लगाए गए कैमरे और सेंसर की मदद से सेवाओं के बारे में एक ही स्थान पर जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही उक्त सेवाओं के संबंध में निर्णय भी लिया जा सकेगा। साथ ही किसी भी संकट की घड़ी में किसी भी आपदा से निपटने के लिए एनडीएमसी के नियंत्रण केंद्र से मदद मिल सकेगी जो संबंधित विभागों की सेवाओं को जोड़कर आपदा से निपटने में मदद करेगा।