प्रदूषण-कोहरे की दोहरी मार: दिल्ली-NCR में जहरीली होती जा रही हवा, ट्रेन-फ्लाइट पर असर; AQI गंभीर श्रेणी में
Delhi-NCR AQI News: दिल्ली में रविवार को एक्यूआई 441 के करीब पहुंच गया। यह इस सीजन का सबसे अधिक एक्यूआई रहा। इसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने तत्काल कदम उठाते हुए ग्रैप-4 लागू कर दिया। वहीं एक्यूआई छठे दिन भी लागातार 400 के पार है।
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विस्तार
Delhi AQI-Weather Update: देश की राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों पर प्रदूषण और कोहरे की दोहरी मार से हालत खराब है। एक्यूआई छठे दिन भी लागातार 400 के पार है। जो बेहद खतरनाक है। बीते रविवार की रात को दिल्ली के कई इलाकों में स्मॉग नीचे आने से सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन होने लगी। फिलहाल, दिल्ली में ग्रैप का चौथा चरण लागू हो चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली पर घना कोहरा छाया हुआ है।
पर्यावरण मंत्री में बुलाई बैठक, फ्लाइट डायवर्ट
वहीं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर बैठक बुलाई है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की अध्यक्षता में बैठक होगी। दिल्ली सचिवालय में 12 बजे पर्यावरण मंत्री अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति और ग्रेप 4 को सख्ती से लागू करने पर बैठक में चर्चा होगी। बैठक के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय दोपहर एक बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। दिल्ली हवाई अड्डे के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में कोहरे की वजह से कम दृश्यता के कारण पांच उड़ानों को डायवर्ट किया गया है। जिसमें जयपुर-04 और देहरादून-01 है।
दिल्ली में घने धुंध के बाद बिगड़े हालात
दिल्ली में कोहरे के चलते इंडिगो ने यात्रा संबंधी सलाह जारी की है। साथ ही घनी धुंध की वजह ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा है। दिल्ली में धुंध के बीच ट्रेनों की आवाजाही जारी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घनी धुंध से बीच ट्रेन गुजरते हुए। वहीं कालिंदी कुंज में यमुना नदी में जहरीला झाग तैर रहे हैं। क्योंकि नदी में प्रदूषण का स्तर अभी भी उच्च बना हुआ है। दिल्ली देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।
दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली में सोमवार सुबह एक्यूआई आनंद विहार इलाके में 487 दर्ज हुआ है तो वहीं बवाना - 495, मुंडका - 495, शादीपुर - 477, द्वारका सेक्टर-8 - 500, जहांगीरपुरी - 487 और पंजाबी बाग में 495 दर्ज हुआ है। वहीं एनसीआर की बात करें तो गुरुग्राम का औसत एक्यूआई 446 दर्ज किया गया। फरीदाबाद का औसत एक्यूआई 320 दर्ज हुआ। नोएडा का औसत एक्यूआई 384 दर्ज हुआ है। आज सुबह गाजियाबाद का एक्यूआई 404 मापा गया। लोनी और वसुंधरा स्टेशन का एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। लोनी का एक्यूआई 445 और वसुंधरा का एक्यूआई 432 है। संजय नगर और इंदिरापुरम का एक्यूआई भी गंभीर श्रेणी के निकट बना हुआ है।
दिल्ली में स्कूल बंद
दिल्ली में सरकार के आदेश के अनुसार, अगले आदेश तक छात्रों का विद्यालय में अवकाश रहेगा तथा छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई होने पर उनके अभिभावक विद्यालय में आ सकेंगे। ऑफिस भी खुला रहेगा।
#WATCH | Trains' movement continues amid smog in Delhi. Visuals from New Delhi Railway Station. pic.twitter.com/thUnXHYD0i
— ANI (@ANI) November 18, 2024
बुधवार तक खतरनाक श्रेणी में पहुंच सकती है हवा
सीपीसीबी के मुताबिक आनंद विहार, शादीपुर, बवाना समेत 14 इलाकों में एक्यूआई अति गंभीर श्रेणी में रहा। जबकि, मुंडका, नेहरू नगर समेत आठ इलाकों में हवा गंभीर श्रेणी व डीटीयू, लोधी रोड समेत तीन इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। भारतीय उष्णदेशीय मौसम भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक रविवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम से उत्तर दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति 18 से 24 किलोमीटर प्रतिघंटे से रही। सोमवार को हवाएं उत्तर-पूर्व दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा की गति छह से 12 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। वहीं, सुबह के समय धुंध के साथ कोहरा छाए रहने की आशंका है। वहीं, मंगलवार को हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चलेंगी। हवा की चाल 12 से 14 किलोमीटर प्रतिघंटे रहने का अनुमान है।
#WATCH | Delhi: Toxic foam seen floating on the Yamuna River in Kalindi Kunj, as pollution level in the river continues to remain high. pic.twitter.com/u9UtzkNKkU
— ANI (@ANI) November 18, 2024
एनसीआर में दिल्ली के बाद ग्रेटर नोएडा रहा सबसे प्रदूषित
सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में दिल्ली के बाद ग्रेटर नोएडा का सबसे अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया। यहां एक्यूआई 362 रहा, जोकि बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, फरीदाबाद में 275, गाजियाबाद में 362, नोएडा में 316 व गुरुग्राम में 310 एक्यूआई दर्ज किया गया।
हाल बेहाल...आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत
प्रदूषण के लिए राजधानी के लोगों के हाल बेहाल हैं। प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन, सांस में दिक्कत और गले में खराश की शिकायतें बढ़ गई हैं। अस्पतालों में इसके मरीजों की संख्या बढ़ गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रात 10 बजे दिल्ली में आईटीओ का एक्यूआई सर्वाधिक 496 पर पहुंच गया। एनसीआर के प्रमुख शहरों गाजियाबाद व ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 362, नोएडा में 316, गुरुग्राम में 310, फरीदाबाद में 275 रहा। वहीं, हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक्यूआई 445, राजस्थान के भिवाड़ी में 345 दर्ज किया गया।
25% तक बढ़ी अस्पतालों में मरीजों की संख्या
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के नेत्र विभाग में राष्ट्रीय परिवार सुरक्षा गार्ड (एनएफएसजी) की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. शिखा जैन ने कहा कि अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या करीब 25 फीसदी तक बढ़ गई है। मरीज आंखों में लाल पन, दर्द, पानी आने सहित दूसरे शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सलाह दी जाती है कि सुबह और शाम के समय बाहर जाने से बचें। यदि बाइक चलाते हैं तो चेहरे को कवर करते हुए हेलमेट पहने। जरूरत के आधार पर चश्में का प्रयोग करें। इनकी मदद से प्रदूषक कण आंखों में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
50 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन दिल्ली-एनसीआर में
दिल्ली परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 80 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। इनमें आधे दोपहिया वाहन हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों के भी काफी संख्या में दोपहिया वाहन है। वहीं एनसीआर में भी 10 लाख से अधिक दोपहिया वाहन हैं। एक अनुमान है इनमें से आधे से ज्यादा दोपहिया वाहन रोजाना सड़क पर निकलते हैं। इनमें अधिकतर वाहन सुबह और शाम के समय सड़क पर रहते हैं। इस दौरान प्रदूूषण का स्तर काफी निचले स्तर पर होता है। इनमें प्रदूषक कण भी काफी अधिक होता है जो आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
बढ़ रहे हैं सांस के मरीज
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ सांस के मरीज बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में ऐेसे मरीजों की संख्या 25 से 30 फीसदी तक बढ़ गई है। इनमें ऐसे मरीज शामिल हैं जिन्हें पहले कभी सांस की परेशानी नहीं रही थी।
ग्रेप-4 लागू होने से लगे ये प्रतिबंध
- दिल्ली के बाहर से आने वाले सभी ट्रकों को प्रवेश पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, जरूरी सामान लाने वाले व सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर पाबंदी से छूट दी गई है।
- दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल संचालित माल वाहनों पर प्रतिबंध। जरूरी सामान वाले वाहनों को छूट मिलेगी।
- एनसीटी दिल्ली व एनसीआर में डीजल चलित चार पहिया वाहनों पर रोक रहेगी। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। इस श्रेणी में केवल बीएस-6 वाहन चल सकते हैं।
- एनसीआर में उद्योगों पर पाबंदी। जहां पीएनजी ईंधन की सुविधा नहीं है और सरकार द्वारा अधिकृत सूची से बाहर के ईंधन का उपयोग किया जा रहा है तो रोक लगेगी। हालांकि, दूध व डेयरी उत्पादों और मेडिकल उपकरणों से जुड़े उद्योगों को छूट दी जाएगी।
- निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर रोक। इसके अलावा फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल व पाइपलाइन समेत अन्य गतिविधियों पर रोक। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
- एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
- राज्य सरकारें स्कूल व कॉलेज को बंद करने के साथ गैर आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद कर सकती है।
- राज्य सरकार लागू कर सकती है ऑड-ईवन योजना
- डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध