Delhi-NCR AIR : दिल्ली-एनसीआर की हवा अब भी जहरीली, कल से राहत के आसार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक बीते 24 घंटे में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम 233 एक्यूआई नोएडा का रहा है।
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राजधानी की हवा बीते 24 घंटे में बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। वहीं, एनसीआर के शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में हवा की रफ्तार मध्यम होने की वजह से प्रदूषण के स्तर में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बीते 24 घंटे में दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम 233 एक्यूआई नोएडा का रहा है। इससे एक दिन पहले एनसीआर के शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में रही थी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पराली जलने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। सबसे अधिक पराली पंजाब में जल रही है। यहां 2467 जगहों पर पराली जलाई गई हैं।
वहीं, हरियाणा में 99, मध्यप्रदेश में 421 और राजस्थान में 84 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। अच्छी बात यह है कि दिल्ली में किसी भी स्थान पर पराली जलने की घटना रिकॉर्ड नहीं हुई है। केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पराली के धुएं की दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण के पीएम 2.5 में 17 फीसदी हिस्सेदारी रही है। वहीं, 2.5 से बड़े कणों की पीएम 10 में 60 फीसदी हिस्सेदारी रही। पीएम 10 का स्तर 222 व पीएम 2.5 का स्तर 133 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर रिकॉर्ड किया गया।
अगले 24 घंटे में घटेगी मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान(आईआईटीएम) के मुताबिक, शनिवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 2100 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 19 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक रहा। हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और रफ्तार 10 से 18 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में मिक्सिंग हाइट घटकर 1550 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 10300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड रह सकता है। हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम व वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से कम होने पर प्रदूषकों को बढ़ने में मदद मिलती है।
14 नवंबर से हवा में हो सकता है सुधार
सफर के मुताबिक, अगले रविवार को हवा की रफ्तार मध्यम होने की वजह से हवा की गुणवत्ता में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में हवा खराब से बेहद खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। वहीं, 14 नवंबर से सतही हवाओं की रफ्तार कम होने की वजह से उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाले पराली के धुएं की दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में हिस्सेदारी घटेगी, जिससे हवा के बेहतर होने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
दिल्ली- 303
फरीदाबाद- 274
गाजियाबाद- 236
ग्रेटर नोएडा- 240
गुरुग्राम- 286
नोएडा- 233