{"_id":"696aa2cf0403ed3d000d75c7","slug":"delhi-ncert-raids-and-seizes-32-000-fake-books-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: एनसीईआरटी ने छापा मारकर जब्त कीं 32,000 नकली किताबें, दिल्ली से सटे लोनी के जावली गांव में रेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: एनसीईआरटी ने छापा मारकर जब्त कीं 32,000 नकली किताबें, दिल्ली से सटे लोनी के जावली गांव में रेड
Sat, 17 Jan 2026 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:13 AM IST
सार
एनसीईआरटी गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गांव में एक प्रिंटिग प्रेस पर छापा मारा जहां से पुलिस ने बड़ी संख्या में अलग-अलग कक्षाओं की करीब 32 हजार नकली पुस्तकें जब्त की हैं।
विज्ञापन
नकली किताबें...
- फोटो : संवाद
विस्तार
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर नकली पुस्तकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गांव में एक प्रिंटिग प्रेस पर छापा मारा जहां से पुलिस ने बड़ी संख्या में अलग-अलग कक्षाओं की करीब 32 हजार नकली पुस्तकें जब्त की हैं।
विज्ञापन
एक जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गांव जावली में प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा। इसमें एनसीईआरटी के प्रकाशन विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने पायरेटेड सामग्री की पहचान और वेरिफिकेशन के लिए तकनीकी सहायता दी। इस कार्रवाई के दौरान अलग-अलग कक्षा और विषयों की लगभग 32,000 पायरेटेड एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें जब्त की गई। पुलिस ने दो प्रिंटिंग मशीनें, एल्युमिनियम प्रिंटिंग प्लेट्स, पेपर रोल और प्रिंटिंग इंक भी बरामद की, जिससे बड़े पैमाने पर बिना इजाज़त के छपाई का पता चलता है।
विज्ञापन
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा बीते नवंबर में दर्ज किए गए एक पुराने मामले में मिली जानकारी के आधार पर शुरू की गई थी। एनसीईआरटी पुस्तकों की बिना इजाज़त के छपाई, वितरण या बिक्री कानून के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसी गतिविधियां न केवल कॉपीराइट का उल्लंघन करती हैं, बल्कि घटिया और गलत सामग्री फैलाकर छात्रों और शिक्षा प्रणाली पर भी बुरा असर डालती हैं।
विज्ञापन
एनसीईआरटी की सलाह है कि छात्र व अभिभावक पाठ्य पुस्तकें केवल अधिकृत स्रोतों से ही खरीदें और पायरेसी के किसी भी संदिग्ध मामले की रिपोर्ट एनसीईआरटी या स्थानीय अधिकारियों को दें।