दिल्लीः आ रही है सजी-धजी रंग-बिरंगी मेट्रो
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सिल्वर रंग की मेट्रो को बाहर से रंग-बिरंगे विज्ञापनों से सजाने की तैयारी कर ली गई है। डीएमआरसी ने पहली बार मेट्रो कोच के बाहर विज्ञापन (ट्रेन रैप) लगाने की स्वीकृति दी है। शुरुआत में दस फीसदी ट्रेनों में प्रिंटिंग मेटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक, स्मार्ट पोस्टर और विजुअल डिस्प्ले युक्त विज्ञापन लगाए जाएंगे।
प्रयोग सफल रहा तो बाकी ट्रेनों में इसी तर्ज पर विज्ञापन लगाए जाएंगे। माना जा रहा है कि कोच के बाहर विज्ञापन लगाने से मेट्रो की हर लाइन पर 5-10 करोड़ रुपये तक सालाना आय हो सकती है।
200 मेट्रो ट्रेनों का है बेड़ा
अभी ट्रेन के अंदर और स्टेशन परिसर तथा मेट्रो संपत्तियों पर विज्ञापन से सालाना 30 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलता है। डीएमआरसी के पास अभी 200 ट्रेनों का बेड़ा है।
इसमें से 60 ट्रेनें चार कोच की, 60 ट्रेनें आठ कोच और 80 ट्रेनें छह कोच की हैं। दस फीसदी मसलन 20 ट्रेनों से ट्रेन रैप की शुरुआत की जाएगी।
रिठाला से दिलशाद गार्डन (लाइन-दो) पर 2018 तक ट्रेन के बाहरी हिस्से पर विज्ञापन नहीं लगेगा, क्योंकि इस लाइन पर विज्ञापन का अनुबंध 2018 तक का है। बाकी लाइन के लिए डीएमआरसी ने दो कंपनियों से विज्ञापन का नया अनुबंध किया है।