मेट्रो के कंपन से तबाह हो जाएंगे हजारों घर!
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साकेत के लोगों ने भूमिगत मेट्रो के शोर व कंपन के कारण घरों की संरचनात्मक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
दरअसल साकेत और जनकपुरी के लोगों को इसका भय है कि वहां मेट्रो के लिए बनाए गए अंडर ग्राउंड रास्ते उनके घरों पर असर डाल सकते हैं। दरअसल इसी तरह का एक मामला जनकपुरी में सामने भी आया था वहां अंडर ग्राउंड मेट्रो रूट पर बने एक घर की फर्श में दरार आ गई थी।
इसे बाद लोगों ने मेट्रो प्रशासन से इसकी शिकायत की। लेकिन मेट्रो प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस सुझाव लोगों को नहीं दे पाया। इससे आहत लोगों ने कोर्ट का सहारा ले लिया है।
हाईकोर्ट ने दी नोटिस
साकेत के लोगों की शिकायत पर न्यायमूर्ति मनमोहन ने केंद्र सरकार व मेट्रो प्रशासन को नोटिस जारी किया है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को शपथ पत्र सहित यह तथ्य पेश करने का निर्देश दिया है कि किस स्तर पर शोर व कंपन होना चाहिए।
साकेत डी ब्लॉक के निवासियों ने अपनी याचिका में बताया कि हुडा सिटी व जहांगीरपुरी के बीच चलने वाली यलो लाइन की मेट्रो उनके घरों के नीचे से जाती है।
ट्रेन के शोर व कंपन से उनके घरों की संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में है। मेट्रो प्रशासन को इस संबंध में अवगत भी कराया गया, लेकिन कोई ठोस उपाय नहीं किया गया।
कितना होना चाहिए कंपन?
याचिका के मुताबिक तय नियमों के अनुसार कंपन एक तय स्तर तक होना चाहिए, जिससे भवनों को खतरा न हो। इसलिए इस संबंध में मेट्रो प्रशासन को उचित निर्देश दिया जाए।
कोर्ट ने मामले को रजिस्ट्रार के समक्ष भेजकर दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि रजिस्ट्रार के समक्ष सुनवाई के बाद इसी अदालत में सुनवाई की जाएगी।