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अब देशभर में एक कार्ड से कर सकेंगे सफर, मेट्रो रेल नेटवर्क के लिए लांच होगा वन कार्ड
Sat, 15 Dec 2018 07:07 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 15 Dec 2018 07:07 AM IST
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जानकारी देते हुए मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही देशभर के अन्य मेट्रो नेटवर्क पर सफर करने लिए वन कार्ड (सभी मेट्रो नेटवर्क के लिए मान्य मेट्रो कार्ड) की सुविधा मिल सकती है। इतना ही नहीं आने वाले चार महीनों में भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क 650 किमी का दायरा तय कर लेगा। इसके बाद भारत के मेट्रो नेटवर्क की गिनती विश्व में चौथे स्थान पर होगी।
डीएमआरसी मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय यूआईटीपी इंडिया सेमिनार के पहले दिन शुक्रवार को विश्वभर के मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट ने कई देशों के मेट्रो ट्रेन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क के अलावा देश के अन्य शहरों के मेट्रो रेल नेटवर्क में टिकाऊ और बेहतर तकनीक का अनुसरण करने पर भी चर्चा की।
भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में भारत में कुल 10 मेट्रो रेल नेटवर्क हैं। इन सभी मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई 540 किमी हो चुकी है। मेट्रो का 670 किमी का हिस्सा निर्माणाधीन है और इसमें से करीब 125 किमी नेटवर्क पर अगले चार महीनों में मेट्रो ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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आगामी चार महीनों में मेट्रो रेल नेटवर्क 540 किमी से बढ़कर करीब 650 किमी हो जाएगा और विश्व में भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क चौथे बड़े नेटवर्क के स्थान पर अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में अतिरिक्त 100 किमी के दायरे में मेट्रो चलाने की भी प्लानिंग की जा रही है।
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डीएमआरसी मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय यूआईटीपी इंडिया सेमिनार के पहले दिन शुक्रवार को विश्वभर के मेट्रो रेल ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट ने कई देशों के मेट्रो ट्रेन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क के अलावा देश के अन्य शहरों के मेट्रो रेल नेटवर्क में टिकाऊ और बेहतर तकनीक का अनुसरण करने पर भी चर्चा की।
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भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में भारत में कुल 10 मेट्रो रेल नेटवर्क हैं। इन सभी मेट्रो रेल नेटवर्क की लंबाई 540 किमी हो चुकी है। मेट्रो का 670 किमी का हिस्सा निर्माणाधीन है और इसमें से करीब 125 किमी नेटवर्क पर अगले चार महीनों में मेट्रो ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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आगामी चार महीनों में मेट्रो रेल नेटवर्क 540 किमी से बढ़कर करीब 650 किमी हो जाएगा और विश्व में भारत का मेट्रो रेल नेटवर्क चौथे बड़े नेटवर्क के स्थान पर अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में अतिरिक्त 100 किमी के दायरे में मेट्रो चलाने की भी प्लानिंग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय की आने वाले दो महीनों के भीतर भारत के मेट्रो रेल उपभोक्ताओं को वन कार्ड की सुविधा देने की कोशिश है। वन कार्ड वन नेशन की सुविधा यात्रियों को नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) सिस्टम के तहत शुरू होगी, जिसमें लोगों को उनके एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड के रूप में भी यह सुविधा दी जा सकती है।
वहीं, इस मौके पर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने कहा कि भारतीय शहरों में मेट्रो सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में 28 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं।
इस मौके पर यूआईटीपी के महासचिव मोहम्मद मेजगनी, उत्तराखंड मेट्रो के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी, यूआईटीपी ब्रसेल्स के क्षेत्रीय निदेशक जेरोम पोबैक्स, ट्रांस-कंसल्ट एशिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अलदोक जैन समेत अन्य ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे।
वहीं, इस मौके पर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने कहा कि भारतीय शहरों में मेट्रो सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में 28 लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं।
इस मौके पर यूआईटीपी के महासचिव मोहम्मद मेजगनी, उत्तराखंड मेट्रो के प्रबंध निदेशक जितेंद्र त्यागी, यूआईटीपी ब्रसेल्स के क्षेत्रीय निदेशक जेरोम पोबैक्स, ट्रांस-कंसल्ट एशिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अलदोक जैन समेत अन्य ट्रांसपोर्ट कंपनियों के अधिकारी मौजूद थे।
तकनीक को समझना डीएमआरसी के लिए चुनौती
दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर आई तकनीकी खराबी के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस परेशानी के लिए तकनीक की खराबी नहीं थी, इसके पीछे तकनीक को जानने में कमी थी।
विदेशी तकनीक होने के कारण इसके सभी पहलुओं के बारे में खराबी आने पर पता लगता है। डीएमआरसी ने इस खराबी से निपटने के दौरान मेट्रो की विदेशी तकनीक को और बारीकी से जाना है। भविष्य में ऐसी खराबी होती है तो उसे आसानी से ठीक कर लिया जाएगा।
विदेशी तकनीक होने के कारण इसके सभी पहलुओं के बारे में खराबी आने पर पता लगता है। डीएमआरसी ने इस खराबी से निपटने के दौरान मेट्रो की विदेशी तकनीक को और बारीकी से जाना है। भविष्य में ऐसी खराबी होती है तो उसे आसानी से ठीक कर लिया जाएगा।