मेट्रो के अफसर हैं घूसखोर, लदंन में खुलासा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली मेट्रो के कुछ अनाम कर्मचारियों और एजेंटों ने ही ट्रेन और टरबाइन बनाने वाली दिग्गज फ्रेंच कंपनी एल्स्टोम की ब्रिटिश सब्सिडियरी से रिश्वत ली थी।
इस तथ्य का खुलासा एल्स्टोम के खिलाफ ब्रिटिश कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई के दौरान हुआ है। ब्रिटेन के सीरियस फ्रॉड ऑफिस (एसएफओ) ने भारत, पोलैंड और ट्यूनीशिया में रिश्वत देने के लिए एल्स्टोम यूके के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
सीरियस फ्रॉड ऑफिस के जांचकर्ताओं का मानना है कि एल्स्टोम ने दिल्ली, वारसा और ट्यूनिश में कांट्रैक्ट हासिल करने के लिए छह साल के भीतर 85 लाख डॉलर की रिश्वत दी।
ऐसे हुई थी डील
लंदन के साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान एल्स्टोम ट्रांसपोर्ट इंडिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रॉबर्ट हेलट भी मौजूद थे। उनके साथ कुछ और अधिकारियों को गवाही के लिए बुलाया गया था।
वकील सिमोन फेरल ने तीनों देशों में रिश्वत लेने वाले कथित लोगों का ब्योरा दिया लेकिन उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के कर्मचारियों और एजेंटों का नाम नहीं बताया।
दिल्ली मेट्रो में रिश्वतखोरी के मामले में कहा गया है कि एल्स्टोम नेटवर्क यूके लिमिटेड के निदेशकों और कुछ अधिकारियों ने 1 अगस्त, 2000 से लेकर 9 अगस्त, 2006 के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारी या अधिकारियों या एजेंटों को रिश्वत देने पर रजामंदी दी थी।