कोरोना से दिल्ली मेट्रो को 2,800 करोड़ का नुकसान, एक दिन की कमाई घट कर हुई मात्र सवा तीन करोड़
- केवल 20 लाख यात्री रोज कर रहे हैं सफर
- 22 मार्च से सात सितंबर तक बंद रही दिल्ली मेट्रो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के चलते लगे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मेट्रो परिचालन बंद होने से डीएमआरसी को 2,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। डीएमआरसी के अनुसार, कोरोना काल के चलते दिल्ली मेट्रो 22 मार्च से सात सितंबर तक बंद रही। इस दौरान डीएमआरसी को 1600 करोड़ का नुकसान हुआ है। जब से मेट्रो का परिचालन शुरू हुआ इसके बाद भी लोग मेट्रो में पहले की तरफ यात्रा करने से बच रहे हैं। सितंबर से लेकर जनवरी 2021 तक मेट्रो को 1,200 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
लॉकडाउन के पहले मेट्रो हर दिन में करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा रही थी। लेकिन वर्तमान में उसकी कमाई इसकी एक-तिहाई हो गई है। पूरे कोरोना काल में मेट्रो बंद होने के कारण डीएमआरसी को कोई कमाई नहीं हुर्ह। बिजली की बचत के अलावा बाकि के खर्च पहले की तरह थे। कोविड-19 महामारी से पहले हर दिन करीब 62 लाख यात्री दिल्ली मेट्रो में सफर करते थे, लेकिन लेकिन अब यह संख्या घटकर 20 लाख रह गई है।
डीएमआरसी के अनुसार, कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए मेट्रो की सेवा शुरू की गई है। सभी स्टेशन पर यात्रियों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क अनिवार्य होना और थर्मल स्कैनिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि संक्रमण को रोका जा सके। जो लोग नियम का पालन नहीं कर रहे हैं उन पर डीएमआरसी द्वारा उन पर 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा रहा है। नियम तोड़ने पर मेट्रो की तरफ से पांच माह में 19,386 से ज्यादा लोगों पर जुर्माना भी किया जा चुका है।
हालांकि पिछले कुछ महीनों में यात्रियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क नहीं लगाने और प्रोटोकाल का पालन नहीं करने से डीएमआरसी की चिंता बढ़ गई हैं। लोगों को समय-समय पर जागरूक करने के लिए सभी स्टेशन और मेट्रो के भीतर अनाउंसमेंट भी किया जा रहा है।