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दिल्ली मेट्रोः इंजीनियर्स को मिलेगी विदेशी ट्रेनिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 28 Apr 2014 12:30 PM IST
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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने टनल इंजीनियर्स को टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) उपयोग करके टनल बनाने के कार्य में नवीनतम तकनीक व कौशल का प्रशिक्षण दिलाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण के लिए कुआलालंपुर की टनल ट्रेनिंग अकादमी केसाथ समझौता किया गया है। अकादमी में अभी तक पांच सौ से अधिक इंजीनियर प्रशिक्षण ले चुके हैं।
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प्रशिक्षण के लिए दस इंजीनियर्स का पहला ग्रुप मई में कुआलालंपुर जाएगा। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह का कहना है कि तीसरे चरण में जो 143 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण हो रहा है उसमें 53 किमी भूमिगत टनल बनाने में इंजीनियरों का कौशल बढ़ाना जरूरी है।
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इसमें 35 टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का इस्तेमाल किया जा रहा है। टनलिंग गतिविधि के लिए टनल बोरिंग मशीन के परिचालन के विशेष इजीनियरी कौशल कटिंग व्हील इरेक्शन, रिंग बनाने के लिए इरेक्शन सैम्युलेटर, गैप फिलिंग, शॉर्ट क्रोटिंग तकनीक की अच्छी जानकारी जरूरी होती है।
टीबीएम से जुड़े कुछ तथ्य
टीबीएम का वजन करीब 450 टन होता है। इसकी लंबाई 60 से 80 मीटर तक होती है। मेट्रो के कार्य स्थलों पर इसे सही तरीके से उठाने और नीचे ले जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीसरे चरण में टनलिंग का सबसे गहरा केंद्र 29 मीटर का हौज खास में होगा क्योंकि मौजूदा मेट्रो स्टेशन के नीचे से यहां सुरंग गुजरेगी।