Delhi Metro: 21 साल की हुई मेट्रो, लगातार बढ़ रहा दायरा; 390 किलोमीटर से ज्यादा बिछ चुकी ट्रेन की लाइनें
साल 2002 में दिल्ली में सिर्फ 6 मेट्रो स्टेशन थे, जबकि अब तक कुल 288 मेट्रो स्टेशन बन चुके हैं। दिल्ली मेट्रो में हर दिन औसतन 40 से 50 लाख लोग सफर करते हैं, जिसकी वजह से ये पूरी दुनिया में सबसे बड़ी जन परिवहन प्रणालियों में से एक बन गई है।
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दिल्ली मेट्रो को रविवार 24 दिसंबर को 21 साल पूरे हो गए। साल 2002 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रेड लाइन पर शाहदरा से तीस हजारी तक दिल्ली की पहली मेट्रो को हरी झंडी दिखाई थी। उस दिन से लेकर आज तक दिल्ली मेट्रो पूरी राजधानी की जीवनरेखा बनकर उभरी है।
साल 2002 में दिल्ली में सिर्फ 6 मेट्रो स्टेशन थे, जबकि अब तक कुल 288 मेट्रो स्टेशन बन चुके हैं। दिल्ली मेट्रो में हर दिन औसतन 40 से 50 लाख लोग सफर करते हैं, जिसकी वजह से ये पूरी दुनिया में सबसे बड़ी जन परिवहन प्रणालियों में से एक बन गई है। बीते 21 सालों में दिल्ली एनसीआर में 390 किमी से ज्यादा मेट्रो की लाइनें बिछ चुकी हैं। साथ ही 12 मेट्रो लाइन हैं। इसके अलावा वर्तमान में दिल्ली में 65 किमी की नई लाइनें बिछाई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस मेट्रो नेटवर्क की लंबाई 400 किमी से भी ज्यादा हो जाएगी।
डीएमआरसी के लिए उपलब्धियों से भरा रहा वर्ष 2023
डीएमआरसी के लिए साल 2023 कई उपलब्धियों से भरा रहा है। 17 सितंबर 2023 से डीएमआरसी ने 120 किमी प्रति घंटे की गति से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का संचालन शुरू किया। अब नई दिल्ली से यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25 पहुंचने में सिर्फ 19 मिनट लगते हैं।
नई दिल्ली से टर्मिनल 3 एयरपोर्ट पर पहुंचने में केवल 15 मिनट 30 सेकेंड लगते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से द्वारका सेक्टर 21 और यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25 का विस्तार किया था, जो अब यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
चार सितंबर को 71.03 लाख यात्रियों ने किया सफर
कार्बन लाइट मेट्रो ट्रैवल नाम की पहल के माध्यम से यात्रियों को अब सड़क आधारित मोटर वाहनों की तुलना में अपनी मेट्रो यात्रा के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन की औसत मात्रा के बारे में सूचित किया जाता है। चार सितंबर 2023 को दिल्ली मेट्रो में 71.03 लाख यात्रियों ने सफर किया था। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अलावा कोविड 19 के दौरान भी मेट्रो सुचारित रूप से चलती रही थी।
इसी साल एक नवंबर को दिल्ली मेट्रो में मोमेंटम 2.0 भी लॉन्च किया गया था, जो लाखों लोगो के सफर को सुगम बनाने के लिए लॉन्च किया गया है। एप एकीकृत क्यूआर टिकटिंग (मेनलाइन और एयरपोर्ट लाइन), ई-शॉपिंग विकल्प, सुरक्षित डिलीवरी के लिए डिजिटल लॉकर, स्मार्ट यूटिलिटी भुगतान और अंतिम-मील कनेक्टिविटी विकल्प जैसी सेवाओं से लोगों का मेट्रो सफर काफी आसान हो गया है।
डिजिटल भुगतान को दे रही बढ़ावा
यात्रियों को टिकट बुक करने में आसानी हो इसके लिए टिकट प्रक्रिया को डिजिटल करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा पूरे सिस्टम को नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के अनुरूप बनाया गया है और एक क्यूआर कोड-आधारित टिकटिंग प्रणाली भी शुरू की गई है, जिसके तहत अब यात्री ऐप पर क्यूआर कोड पेपर टिकट या क्यूआर कोड टिकट दोनों खरीद सकते हैं। डीएमआरसी ने व्हाट्सएप आधारित टिकटिंग और पेटीएम पर टिकट की शुरुआत की है ताकि यात्री मेट्रो स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही क्यूआर टिकट खरीद सकें। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए डीएमआरसी ने टीवीएम और टीओएम पर यूपीआई के माध्यम से भुगतान की शुरुआत की है।