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सिग्नल में आई खराबी के कारण दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन दूसरे दिन भी प्रभावित, यात्री परेशान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Dec 2018 07:12 PM IST
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दिल्ली मेट्रो के ब्लू लाइन पर सिग्नल की खामी 24 घंटे में भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पायी है। नोएडा सिटी सेंटर/ वैशाली से द्वारका रूट पर ट्रेनों की लोकेशन ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर को नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते ट्रेन को मैन्युअल मोड से चलाया गया। जबकि सिग्नल दिक्कत के चलते वैशाली की ओर से आने वाली ट्रेन को अभी भी यमुना बैंक पर ही समाप्त किया जा रहा है। बुधवार दुपहर 12 बजे से बृहस्पतिवार दुपहर एक बजे तक लगातार यात्री तकनीकी दिक्कत से जुझते रहे। ब्लू लाइन पर यात्रियों को पंद्रह से बीस मिनट के अंतराल पर मेट्रो मिली।
नोएडा और गाजियाबाद को दिल्ली से जोडने वाली दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी व पुरानी ब्लू लाइन पर लगातार सिग्नल दिक्कत आ रही है। ब्लू लाइन पर दो हफ्तों में तीसरी बार तकनीकी खामी के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। दिल्ली मेट्रो मुख्यालय (बाराखंबा)स्थित ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर में ब्लू लाइन के 17 इंटरलॉकिंग प्वाइंट (जहां से ट्रेन की लोकेशन सेंट्रल कंट्रोल रूम को जाती है) से सिग्नल आने की दिक्कत शुरू हुई। मुख्य कंट्रोल रूम में कभी सिग्नल आता तो कभी चला जाता।
इसी के चलते ट्रेन को मैनुअल मोड में चलाना पड़ा। मैनुअल मोड में चलाने से ट्रेन की स्पीड कम करनी पड़ी। इसी के साथ डीएमआरसी प्रबंधन के इंजीनियर की टीम तकनीकी खामी को ठीक करने में जुट गयी। हालांकि बुधवार दुपहर शुरू सिग्नल की दिक्कत बृहस्पतिवार दुपहर 12 बजे तक ही आधी ठीक हो पायी। नोएडा व वैशाली रूट पर यात्रियों को पांच से सात मिनट की बजाय पंद्रह से 20 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध हुई।
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नोएडा और गाजियाबाद को दिल्ली से जोडने वाली दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी व पुरानी ब्लू लाइन पर लगातार सिग्नल दिक्कत आ रही है। ब्लू लाइन पर दो हफ्तों में तीसरी बार तकनीकी खामी के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। दिल्ली मेट्रो मुख्यालय (बाराखंबा)स्थित ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर में ब्लू लाइन के 17 इंटरलॉकिंग प्वाइंट (जहां से ट्रेन की लोकेशन सेंट्रल कंट्रोल रूम को जाती है) से सिग्नल आने की दिक्कत शुरू हुई। मुख्य कंट्रोल रूम में कभी सिग्नल आता तो कभी चला जाता।
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इसी के चलते ट्रेन को मैनुअल मोड में चलाना पड़ा। मैनुअल मोड में चलाने से ट्रेन की स्पीड कम करनी पड़ी। इसी के साथ डीएमआरसी प्रबंधन के इंजीनियर की टीम तकनीकी खामी को ठीक करने में जुट गयी। हालांकि बुधवार दुपहर शुरू सिग्नल की दिक्कत बृहस्पतिवार दुपहर 12 बजे तक ही आधी ठीक हो पायी। नोएडा व वैशाली रूट पर यात्रियों को पांच से सात मिनट की बजाय पंद्रह से 20 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध हुई।
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इंटरलॉकिंग प्वाइंट बनें सिग्नल दिक्कत के कारण
ब्लू लाइन दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन है। ब्लू लाइन ट्रैक पर मेट्रो रोजाना 726 से अधिक फेरे लगाती हैं। इस लाइन पर द्वारका सेक्टर नौ, जहांगीरपुरी, राजौरी गार्डन, करोल बाग, बाराखंबा रोड, यमुना बैंक, नोएडा सेक्टर 16, आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर मुख्य आठ इंटरलॉकिंग प्वाइट हैं। इन्हीं इंटरलॉकिंग प्वाइंट से ट्रेन की लोकेशन व जानकारी ऑपरेशनल
कंट्रोल रूम तक पहुंचती है। बुधवार को इन्हीं इंटरलॉकिंग प्वाइंट से सिग्नल आना बंद हुआ था। इंजीनियर ने देर रात तक सिग्नल सिस्टम को ठीक कर लिया था। लेकिन बृहस्पतिवार को दोबारा सिग्नल मिलने बंद हो गए।
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- यमुना बैंक, नोएडा व आनंद विहार प्वाइंट में दिक्कत जारी:
मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक, बृहस्पतिवार दुपहर 12 बजे तक पांच इंटरलॉकिंग प्वाइंट को ठीक कर लिया गया है। हालांकि यडमुना बैंक, नोएडा सेक्टर 16, आनंद विहार मेट्रो स्टेशन इंटरलॉकिंग प्वाइंटअभी पूरी तरह ठीक नहीं हो पायु है। इसीलिए वैशाली से आने और जाने वाली ट्रेन को यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर समाप्त किया जा रहा है। इन तीन प्वाइंट पर इंजीनियर की टीम सिग्नल की जांच व निगरानी कर रही है। सिग्नल सिस्टम पूरी तरह ठीक पर यमुना - वैशाली रूट पूरी तरह खुल जाएगा।
ट्रेन व स्टेशन पर दिक्कत की घोषणा नहीं
2016 में दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने ब्लू लाइन पर तकनीकी दिक्कत होने पर ट्रेन के अंदर व स्टेशन पर यात्रियों को जानकारी देने की घोषणा की थी। हालांकि बुधवार व बृहस्पतिवार को ट्रेन और स्टेशन के अंदर किसी प्रकार की अनाउंसमेंट नहीं हुई। कविता, नेही, नीलम, अशोक आदि यात्रियों को कहना था कि नोएडा सिटी सेंटर में मेट्रो ट्रेन में बैठने से पहले यदि उन्हें तकनीकी खामी की जानकारी होती तो वे ट्रेन में नहीं बैठते।
मंडी हाउस तक एक घंटे से अधिक समय पहुंचने में लगा, तब जाकर अनाउंसमेंट सुनायी दिया। इससे पहले समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर मेट्रो इतना रूक-रूक क्यों चल रही है। ऑफिस जाने में एक से डेढ़ घंटे की देरी हुई। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने लिखा है कि डीएमआरसी हेल्पलाइन पर कोइ्र सुविधा नहीं मिली। दरअसल फोन ही नहीं मिल पा रहा था। यूजर्स ने लिखा है कि ट्रेन की आवाजाही कम होने के चलते दो ट्रेन की भीड़ एक में आ जाती। ऐसा लग रहा था कि दम निकल जाएगा।
मंडी हाउस तक एक घंटे से अधिक समय पहुंचने में लगा, तब जाकर अनाउंसमेंट सुनायी दिया। इससे पहले समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर मेट्रो इतना रूक-रूक क्यों चल रही है। ऑफिस जाने में एक से डेढ़ घंटे की देरी हुई। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने लिखा है कि डीएमआरसी हेल्पलाइन पर कोइ्र सुविधा नहीं मिली। दरअसल फोन ही नहीं मिल पा रहा था। यूजर्स ने लिखा है कि ट्रेन की आवाजाही कम होने के चलते दो ट्रेन की भीड़ एक में आ जाती। ऐसा लग रहा था कि दम निकल जाएगा।