कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डॉक्टरों के समर्थन में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन कस्तूरबा अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों के समर्थन में खड़ा हो गया है। इस मामले में डीएएम के सदस्यो ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है,जिसमें उनसे डॉक्टरों की समस्या को सुलझाने का निवेदन किया गया है।
डीएमए के अध्यक्ष डॉ बीबी बाधवा ने कहा कि इस संकट के समय में भी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों को वेतन नहीं मिल रहा है। ऐसे में उनके सामने कई प्रकार की आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई है।
इस मामले पर उन्होंने गृहमंत्री को एक पत्र लिखा है,जिसमें उनसे डॉक्टरों की समस्या पर ध्यान देने की अपील की गई है। साथ ही इस विषय पर बात करने के लिए मुलाकात का समय मांगा गया है।
उल्लेखनीय है कि कस्तूरबा अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। यह मामला बुधवार को सामने आया जब अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक को एक पत्र भेजा था।
पत्र में लिखा था कि रेजिडेंट डॉक्टरों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। अगर 16 जून तक भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे।
हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर भी सामूहिक इस्तीफे के लिए तैयार
लंबे समय से वेतन न मिल पाने के कारण कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा सामूहिक इस्तीफे की पेशकश के बाद अब उतरी निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टर भी सामूहिक इस्तीफे के लिए तैयार हैं।
हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु सरदाना ने बताया कि पिछले चार महीने से डॉक्टरों को वेतन नहीं मिला है। इस वजह से डॉक्टरों के आगे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसको देखते हुए हमने चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर वेतन की मांग की है। यदि हमें आगामी 18 जून तक वेतन नहीं दिया गया तो सभी डॉक्टर सामूहिक इस्तीफे की पेशकश करेंगे।
हालांकि, इस संबंध में उतरी निगम में स्थाई समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा कि उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत की है। साथ ही कोशिश की जा रही है कि अगले एक सप्ताह में डॉक्टरों का वेतन जारी कर दिया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले भी अस्पताल के डॉक्टर वेतन की मांग कर चुके हैं। तब डॉक्टरों को एक महीने का वेतन जारी कर दिया गया था।