Mayor Election: महापौर चुनाव के लिए दोबारा होगी पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति, LG को भेजे जाएंगे पार्षदों के नाम
एमसीडी चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक में पीठासीन अधिकारी की अध्यक्षता में पार्षदों का शपथ ग्रहण होता है। फिर मेयर का चुनाव होता है।
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मेयर चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। निगम सचिव आयुक्त ज्ञानेश भारती के माध्यम से अनुभवी पार्षदों के नाम दिल्ली शहरी विकास मंत्रालय के पास भेजे जाएंगे। मंत्रालय से यह नाम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास भेजे जाएंगे। सीएम इसे एलजी के पास भेजेंगे। इसके बाद एलजी पीठासीन अधिकारी को नामित करेंगे। इसी के साथ ही निगम सदन की बैठक की तारीख का एलान करेगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।
एमसीडी चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक में पीठासीन अधिकारी की अध्यक्षता में पार्षदों का शपथ ग्रहण होता है। फिर मेयर का चुनाव होता है। शुक्रवार को एलजी वीके सक्सेना द्वारा मनोनीत पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा की अध्यक्षता में सदन की पहली बैठक हुई। इसमें मनोनीत सदस्यों को पहले शपथ ग्रहण कराए जाने से विवाद उत्पन्न हो गया और इसके बाद आम आदमी पार्टी और भाजपा पार्षदों के बीच लात घूंसे तक चले जिसके कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी और मेयर का चुनाव नहीं हो पाया। अब मेयर चुनाव कराने से पहले सदन की अध्यक्षता करने के लिए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति फिर से की जाएगी। सत्या शर्मा को पिछली सदन की बैठक के लिए पीठासीन अधिकारी नामित किया गया था। अब नए पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होगी।
विशेष अधिकारी करते रहेंगे निगम का संचालन
मेयर का चुनाव जबतक हो नहीं जाता निगम के विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार ही एमसीडी का संचालन करेंगे। निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक स्थायी समिति और सदन से जुड़ीं सभी फाइलें उन्हीं के पास भेजी जाएंगी। एमसीडी के एकीकरण के बाद अश्वनी कुमार जिस प्रकार से एमसीडी को चला रहे हैं, वह आगे भी इसी तरह से इसे चलाते रहेंगे। निगम की सारी सेवाएं निर्बाध तरीके से नागरिकों तक पहुंचती रहेंगी।