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दिल्ली: फर्जी आधार कार्ड दिखा शादी के लिए खुद को बताया हिंदू, फिर जबरन कराया लड़की का धर्मांतरण, अदालत का जमानत देने से इनकार
Fri, 01 Oct 2021 05:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Fri, 01 Oct 2021 05:33 PM IST
सार
अदालत ने कहा कि पेश दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक अन्य महिला से भी विवाह किया और मामले की जांच जारी है। अदालत ने कहा यदि आरोपी को जमानत प्रदान की गई तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
दिल्ली की अदालत ने एक ऐसे व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है, जिसने फर्जी आधार कार्ड दिखाकर लड़की से शादी करने के लिए खुद को हिंदू बताया था। आरोप है कि उसने लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराया और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। वहीं अदालत ने फर्जी आधार कार्ड को देश के लिए खतरा बताते हुए पुलिस आयुक्त को मामले की विस्तृत जांच करवाने को कहा है।
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मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिकायतकर्ता लड़की के बयान पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि उसने आरोपी से एक मंदिर में शादी की और फिर अपने बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के दबाव में इस्लामी रीति के साथ दोबारा शादी की।
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फर्जी आधार से ही एक अन्य महिला से भी किया विवाह
अदालत ने कहा कि पेश दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक अन्य महिला से भी विवाह किया और मामले की जांच जारी है। अदालत ने कहा यदि आरोपी को जमानत प्रदान की गई तो वह साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के अलावा गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है।
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अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना से मामले में आरोपों और प्रति-आरोपों के स्तर पर विचार करते हुए पुलिस की एक उपयुक्त शाखा या इकाई से करवाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से जाली आधार कार्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ है।
आधार कार्ड की जालसाजी से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं- कोर्ट
अदालत ने कहा एक जाली आधार कार्ड तैयार करने में गंभीर प्रभाव शामिल हैं और इस तरह की गतिविधि में व्यक्तियों के व्यापक और अच्छी तरह से सुसज्जित गिरोह की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। आधार कार्ड की जालसाजी से राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं क्योंकि यह नागरिकता के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
महिला ने आरोप लगाया है कि उसने आरोपी से वर्ष 2010 में एक मंदिर में विवाह किया था और आरोपी ने जो आधार कार्ड दिया उसमें उसने अपना नाम राहुल दर्शाया था। उसने कहा कि उसकी बेटी के जन्म के दौरान पता चला कि उसका असली नाम नूरेन है।
शिकायतकर्ता ने कहा सामाजिक उपहास के डर से, उसने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जिसका आरोपी ने फायदा उठाया और उसे इस्लाम स्वीकार करने और इस्लामी परंपरा के अनुसार फिर से शादी करने के लिए मजबूर किया। जिसके परिणामस्वरूप उसने उससे जबरदस्त दबाव में और अपने बच्चे के भविष्य को देखते हुए उससे पुन: विवाह किया।
इसके बाद आरोपी के व्यवहार में परिवर्तन आ गया और वह उसे प्रताड़ित करने लगा और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी। वहीं उसे पता चला कि आरोपी कई हिन्दू लड़कियों से बात करता है और उनसे विवाह करने का प्रयास कर रहा है। इसके अलावा इसी प्रकार उसने एक अन्य लड़की से भी विवाह कर लिया।
अदालत ने कहा कि दूसरी महिला दबाव में है, जिसके लिए पुलिस को गंभीर जांच की जरूरत है। वहीं आरोपी ने कहा कि झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने वैवाहिक विवादों को इस प्रकार के अपराध में बदल दिया।
महिला ने आरोप लगाया है कि उसने आरोपी से वर्ष 2010 में एक मंदिर में विवाह किया था और आरोपी ने जो आधार कार्ड दिया उसमें उसने अपना नाम राहुल दर्शाया था। उसने कहा कि उसकी बेटी के जन्म के दौरान पता चला कि उसका असली नाम नूरेन है।
शिकायतकर्ता ने कहा सामाजिक उपहास के डर से, उसने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जिसका आरोपी ने फायदा उठाया और उसे इस्लाम स्वीकार करने और इस्लामी परंपरा के अनुसार फिर से शादी करने के लिए मजबूर किया। जिसके परिणामस्वरूप उसने उससे जबरदस्त दबाव में और अपने बच्चे के भविष्य को देखते हुए उससे पुन: विवाह किया।
इसके बाद आरोपी के व्यवहार में परिवर्तन आ गया और वह उसे प्रताड़ित करने लगा और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी। वहीं उसे पता चला कि आरोपी कई हिन्दू लड़कियों से बात करता है और उनसे विवाह करने का प्रयास कर रहा है। इसके अलावा इसी प्रकार उसने एक अन्य लड़की से भी विवाह कर लिया।
अदालत ने कहा कि दूसरी महिला दबाव में है, जिसके लिए पुलिस को गंभीर जांच की जरूरत है। वहीं आरोपी ने कहा कि झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने वैवाहिक विवादों को इस प्रकार के अपराध में बदल दिया।