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Delhi LG: आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग, एलजी वीके सक्सेना ने की अनुशंसा

Wed, 17 Aug 2022 06:03 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 17 Aug 2022 06:03 PM IST
सार

आईएएस अधिकारी ने DAMB में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पीएस मीना के खिलाफ भ्रष्टाचार के दो मामलों में उनकी सजा को कम करने के एवज में यह रिश्वत ली थी। इस संबंध में जेएस शर्मा ने 10 फरवरी 2020 को केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत दी थी।

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Delhi LG recomands action against IAS officer Udit Prakash Rai to MHA in bribe case
विनय कुमार सक्सेना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपराज्यपाल वी.के सक्सेना ने कदाचार के मामले में आईएएस अधिकारी (एजीएमयूटी-2007) उदित प्रकाश राय की कथित संलिप्तता को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय से उचित कार्रवाई की सिफारिश की है। दिल्ली एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (डीएएमबी) के पूर्व वाइस चेयरमैन उदित प्रकाश पर एक कार्यकारी अभियंता पीएस मीणा को भ्रष्टाचार के दो मामलों में सजा कम करने का अनुचित लाभ देने के एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगे थे। इस मामले में मिली एक शिकायत के बाद सीबीआई ने 2020 में इस मामले में सिफारिश की थी।

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दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड में कार्यकारी अभियंता पीएस मीणा को भ्रष्टाचार के दो मामलों में अनुचित तौर पर फायदा पहुंचाने के मामले में जे.एस शर्मा ने 10 फरवरी, 2020 को एक शिकायत दर्ज करवाई थी। उस वक्त उदित प्रकाश बोर्ड के वाइस चेयरमैन थे। उनपर आरोप लगे थे कि आय से अधिक संपत्ति के दो मामलों में उन्होंने इंजीनियर पीएस मीणा को अनुचित तौर पर लाभ पहुंचाया।
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सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के दिशानिर्देशों के तहत कार्यकारी अभियंता को सेवा से बर्खास्त करने की 29 जनवरी, 2020 को जांच रिपोर्ट सौंपी। चौंकाने वाली बात यह है कि उदित प्रकाश ने बोर्ड में अपनी सेवा के आखिर दिन जल्दबाजी करते हुए मीणा के खिलाफ निंदा जारी की थी। हैरानी की बात यह है कि उसी दिन मीणा ने भी इस मामले में अपना जवाब दे दिया।

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इस मामले में मीणा के खिलाफ निंदा की सजा के मामले को संबंधित अधिकारियों को भी नहीं भेजा गया। इससे सर्विस बुक में भी पीएस मीणा पर लगे आरोप या सजा का जिक्र भी नहीं किया गया।

बोर्ड के वाइस चेयरमैन उदित प्रकाश का 24 फरवरी, 2021 को डीएसएफएमसी में स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया था। मीणा की पत्नी से संबंधित आय से अधिक संपत्ति के दूसरे मामले में एग्रीकल्चर बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष ने जांच के आदेश दे दिए थे। लेकिन उदित प्रकाश ने इस मामले की जांच किए बगैर दोनों मामलों को एक जैसा बताते हुए निंदा की सजा का आदेश दे दिया।

इस मामले में औपचारिक आदेश भी जारी नहीं किए गए। सीबीआई ने 15 सितंबर, 2021 को तत्कालीन मुख्य सचिव विजय देव को इस मामले में पत्र लिखकर इसे जानबूझकर की गई चूक बताया था।

आम आदमी पार्टी के चहेते माने जाते हैं उदित प्रकाश

सूत्रों का कहना है कि उदित प्रकाश आम आदमी पार्टी सरकार के चहेते होने की वजह से डीएएमबी के वीसी, डीएसएफएमसी के प्रबंध निदेशक और बाद में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीईओ के तौर पर राघव चड्ढा के साथ काम किया। इसे जानबूझकर की गई चूक और अनुचित लाभ देने को भ्रष्टाचार के मामले के तौर पर इस मामले में गृह मंत्रालय से आवश्यक कार्रवाई करने की सिफारिश की है। उपराज्यपाल ने मीणा के खिलाफ निंदा की सजा को अलग करने सहित इस मामले में उचित सजा तय करने के लिए दिल्ली के मुख्य सचिव को भी अधिकृत किया है।

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