उपराज्यपाल ने केजरी को दिया जोर का झटका
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दिल्ली में 50 फीसदी बिजली बिल माफ करने के AAP सरकार के फैसले को उपराज्यपाल ने गलत ठहराते हुए केजरीवाल समेत दिल्लीवासियों को भी जोर का झटका दिया है।
दिल्ली में 49 दिनों तक शासन करने वाली AAP सरकार ने दिल्ली के लोगों, खासकर आप समर्थकों के अक्टूबर 2012 से दिसम्बर 2013 के बीच के बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया था। लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर इस फैसले की हवा निकाल दी।
एलजी ने कहा कि AAP सरकार ने बिजली बिल माफी के लिए न तो कोई फंड नहीं रखा और न ही इसके लिए कैबिनेट से कोई मंजूरी दी गई।
केजरीवाल ने किया था ऐलान
AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल के असहयोग आंदोलन के दौरान बिजली बिल न जमा करने वाले लोगों के बिल माफ करने के तत्कालीन सरकार के फैसले पर सुनवाई के दौरान एलजी ने यह हलफनामा दायर किया है।
केजरीवाल ने दिल्ली में तेजी से भागते बिजली मीटरों और गलत बिजली बिल के खिलाफ दिल्ली में आदोलन चलाया था।
यह भी ऐलान किया था कि यदि दिल्ली में AAP की सरकार सत्ता में आती है तो आंदोलन के दौरान बिजली बिल न जमा करने वालों के बिल 50 फीसदी तक माफ कर दिए जाएंगे। साथ ही केजरीवाल ने ऐसे लोगों के खिलाफ लगे मुकदमे वापस लेने का भी आश्वासन दिया था।
वादा तो पूरा हुआ लेकिन रह गया अधूरा
सत्ता में रहते हुए केजरीवाल सरकार ने अपना वादा पूरा भी किया और जिन लोगों ने अक्टूबर 2012 से दिसम्बर 2013 के बीच बिजली के बिल नहीं जमा किए थे उनके बिलों पर 50 फीसदी की सब्सिडी देने का ऐलान किया था।
केजरी सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया था।
जिस पर यह निर्देश दिया गया था कि कोर्ट में एक हलफनामा दायर करके यह स्पष्ट किया जाए कि सरकार इस आदेश पर आगे क्सा कदम उठा रही है? अदालत ने इसकी सुनवाई की अगली तारीख 22 मई तय की है।