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Delhi: सफाई श्रमिकों के 16 करोड़ बकाये पर उपराज्यपाल ने जताई नाराजगी, जल बोर्ड के खिलाफ शिकायत के आदेश

Fri, 07 Oct 2022 07:38 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 07 Oct 2022 07:38 AM IST
सार

डीआईसीसीआई की तरफ से इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इस मामले पर फिलहाल दिल्ली सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। डीजेबी के सीवर लाइन की सफाई के बावजूद दिल्ली सरकार की तरफ से भुगतान में अत्यधिक देरी पर एलजी ने नाराजगी जताई है।

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Delhi LG expresses displeasure over 16 crore dues of sanitation workers, orders probe against DJB
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की सीवर लाइन सफाई करने वाले 1,000 से अधिक कर्मियों का बकाया 16 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करने संबंधी शिकायत की जांच करें। उन्होंने कहा है कि दिवाली से पहले बकाये का भुगतान करवाने की दिशा में पहल करें ताकि त्योहार के दौरान कर्मियों को वित्तीय परेशानी का सामना ना करना पड़े।

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दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) की तरफ से इस मामले की शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इस मामले पर फिलहाल दिल्ली सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवर लाइन की सफाई के बावजूद दिल्ली सरकार की तरफ से भुगतान में अत्यधिक देरी पर एलजी ने नाराजगी जताई है। डीजेबी ने 20 फरवरी, 2019 को डीआईसीसीआई के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत सीवर सफाई के लिए मैला ढोने की प्रथा को खत्म कर प्रौद्योगिकी आधारित समाधान लागू करना था।
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इसके तहत 189 ठेकेदारों ने सीवर की सफाई के लिए डीजेबी द्वारा हाशिए के समुदाय को लगाया गया था। ठेकेदारों ने सफाई के लिए 1,000 से अधिक सफाई कर्मचारियों को लगाया ताकि दिल्ली जल बोर्ड के सीवरेज की सफाई की जा सके। इसके लिए स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत ऋण सहायता लेकर जरूरी मशीनें भी खरीदी गईं। भारतीय स्टेट बैंक ने 90 फीसदी तक सावधि ऋण को बढ़ा दिया।
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परियोजना के तहत प्रत्येक मशीन के लिए 40 लाख रुपए जबकि शेष 10 फीसदी राशि दलित उद्यमियों द्वारा खर्च किया गया। कर्मियों को भुगतान में देरी से बैंक की किश्तों का भुगतान, रखरखाव और जरूरी खर्च सहित कई महीनों से वेतन ना मिलने के कारण श्रमिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा बिलों का भुगतान ना करने से ठेकेदारों के पास कई महीनों से बगैर वेतन काम करने के लिए 1000 से अधिक श्रमिक मजबूर हैं।

टोल टैक्स घोटाले की जांच मामले में एलजी पर साधा निशाना

आप आदमी पार्टी ने एमसीडी में छह हजार करोड़ के टोल टैक्स घोटाले की उपराज्यपाल वीके सक्सेना की ओर से जांच का आदेश नहीं देने के मामले में सवाल खड़ा किया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दो माह पहले सभी दस्तावेज के साथ उपराज्यपाल को पत्र लिख जांच की मांग की थी। उपराज्यपाल आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ रोज एक नई जांच का आदेश दे रहे है, लेकिन एमसीडी के टोल टैक्स के घोटाले की जांच नहीं करा रहे। आप ने सवाल किया कि क्या इस मामले में भाजपा का कोई बड़ा नेता शामिल है?

बिजली सब्सिडी घोटाले में केजरीवाल की भूमिका की हो जांच : बिधूड़ी

दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मांग की है कि बिजली सब्सिडी घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।  बिधूड़ी ने कहा कि वर्ष 2013 के चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल ने जनता के साथ बिजली कंपनियों की चोरी रोककर रेट कम कराने का वादा किया था। वह बिजली के मीटरों को तेज बताते हुए कहते थे कि इन मीटरों को ठीक कराया जाएगा और बिजली कंपनियों को रेट कम करने के लिए मजबूर किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने बिजली कंपनियों की ओर से भेजे वाले बिलों को न भरने का आह्वान किया था।

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