दिल्ली: केमिकल से युवकों की मौत का रहस्य गहराया, अंतिम संस्कार के बाद भी नीली थीं हड्डियां
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नई दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में डफरिन पुल के पास केमिकल की चपेट में आकर तीन युवकों की मौत का रहस्य बरकरार है। आखिर वह कौन सा केमिकल था जिसने मोनू, शिवम और महेश को इतनी दर्दनाक मौत दी कि अंदाजा भी नहीं लगा सकते।
सड़क पर बाइक फिसलने के बाद जिस केमिकल के संपर्क में तीनों आए, वह इतना खतरनाक था कि शवों को जलाने के बाद भी उनकी हड्डियां नीले रंग की थीं। महेश के परिजनों ने तो डर की वजह से उसके शव को हाथ भी नहीं लगाया। परिवार ने दस्ताने पहनकर उसके शव का अंतिम संस्कार किया।
पुलिस के मुताबिक तीनों ही युवकों की मौत झुलसने से नहीं, बल्कि केमिकल के संपर्क में आने की वजह से हुई। केमिकल का सैंपल लेकर उसे फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। फिलहाल आरोपी ट्रक चालक पुलिस की पहुंच से बाहर है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना वाले दिन शनिवार तड़के शिवम, महेश और मोनू जैसे ही डफरिन पुल के पास पहुंचे अचानक उनकी बाइक केमिकल के संपर्क में आने से फिसल गई। सड़क पर गिरने के कारण उनके शरीर पर केमिकल लग गया।
सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि गिरते ही तीनों लोगों ने उठने की कोशिश की, लेकिन अगले ही पल उनके शरीर में तेज जलन होने लगी और तीनों वहीं गिर गए। सड़क पर लेटे-लेटे अपने कपड़े उतार दिए। इसके बाद तीनों बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह तीनों को उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
केमिकल की वजह से उनका शरीर नीला पड़ने लगा। शरीर के जिन हिस्सों में केमिकल वहां भीतर तक छेद हो गये और उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मोनू के अलावा शिवम व महेश को तो होश भी नही आया। रविवार सुबह शिवम व महेश की मौत हो गई जबकि मोनू ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया।
परिजनों के मुताबिक जब तीनों का अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी अस्थियां चुनने गए तो तीनों ही की अस्थियों का रंग नीला मिला। इस हादसे पर परिजनों में खासी नाराजगी है। परिजनों ने आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।