100 नंबर डायल करते रहे जज साहब, नहीं उठा फोन तो कमिश्नर को लिखी चिट्ठी
दिल्ली पुलिस को बुलाने के लिए एक नंबर है जिसके बारे में आप जरूर जानते होंगे, वो है नंबर '100'। लोग ऐसा बताते रहे हैं कि इस नंबर पर कॉल करने के बाद उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा है। ऐसे ही लोगों में दिल्ली के हाईकोर्ट के जज का भी नाम शामिल हो गया जिन्हें 100 नंबर से कोई सहायता नहीं मिली।
वहीं इस घटना के बाद जज विपिन सांघी ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को भी चिट्ठी लिखकर 100 नंबर पर मिलने वाली खराब सेवा के बारे में शिकायत की है। इस शिकायत को हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जी रोहिणी ने भी साझा किया और इसे एक जनहित याचिका में बदल दिया।
इस मामले में चीफ जस्टिस जी रोहिणी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए ऐसा किया क्योंकि 100 नंबर पर डायल करने के बाद अक्सर ही इस पर या तो उत्तर नहीं मिलता या यह होल्ड पर ही रह जाता है।
अपने खत में जज सांघी ने कमिश्नर आलोक वर्मा को लिखा कि जब 29 अप्रैल को वो वसंत कुंज में एक शादी की रिसेप्शन पार्टी में जा रहे थे तो इस नंबर पर फोन करने का उनका 'निजी अनुभव बहुत खराब' रहा।
जज की चिट्ठी के अनुसार उस दौरान मैं एक लंबे ट्रैफिक जाम में लगभग 40 मिनट फंसा रहा, लेकिन वहां किसी भी ट्रैफिककर्मी को न पाकर मैंने 100 नंबर पर फोन किया लेकिन मेरा कॉल किसी ने नहीं उठाया। यहां तक कि पांच मिनट तक कॉल होल्ड पर रखने के बाद भी किसी ने कोई उत्तर नहीं दिया। इस सेवा का यह हाल तब है जब यह एक इमरजेंसी सेवा हेल्पलाइन है।
जज सांघी ने अपने पत्र में कमिश्नर वर्मा को लिखा है कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है ताकि इस आपातकाल सेवा को ज्यादा प्रभावी और सक्षम बनाया जा सके।
जज ने कमिश्नर को ये भी लिखा है कि उन्होंने खुद कमिश्नर को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने भी जवाब नहीं दिया। जज सांघी ने अपना पत्र खत्म करते हुए ये उम्मीद जताई है कि कमिश्नर वर्मा इस मु्द्दे पर ध्यान देंगे और इस बारे में क्या कार्रवाई की गई ये भी जज सांघी को बताएंगे।