{"_id":"68059e94fe132d9995019613","slug":"delhi-in-two-months-vehicles-without-puc-will-start-getting-challaned-at-petrol-pumps-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : दो महीने में बिना पीयूसी वाले वाहनों का पेट्रोल पंपों पर होने लगेगा चालान, इन गाड़ियों पर पैनी नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : दो महीने में बिना पीयूसी वाले वाहनों का पेट्रोल पंपों पर होने लगेगा चालान, इन गाड़ियों पर पैनी नजर
Mon, 21 Apr 2025 06:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Apr 2025 06:55 AM IST
सार
बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने वाले वाहनों के खिलाफ स्वचालित चालान प्रणाली शुरू की गई है।
विज्ञापन
दिल्ली में वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) लेना अब अनिवार्य होगा।
- फोटो : ·
विस्तार
दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने वाले वाहनों के खिलाफ स्वचालित चालान प्रणाली शुरू की गई है।
विज्ञापन
इसके साथ ही, तय उम्र पूरी कर चुके वाहनों की पहचान के लिए भी पेट्रोल पंपों पर निगरानी होगी। मौजूदा समय में 100 पेट्रोल पंपों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से बिना पीयूसी के वाहनाें का चालान किया जा रहा है। इसके तहत बगैर पीयूसी वाले वाहन के पहुंचते ही संबंधित वाहन का चालान काट दिया जा रहा है।
विज्ञापन
चालान कटने के साथ ही वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भी सूचना भेजी जा रही है। इससे पहले सरकार ने पेट्रोल पंप पर ऐसे वाहन के पहुंचने पर चेतावनी देकर दाे घंटे का समय देने की योजना बनाई थी, मगर प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिहाज से सरकार ने योजना में बदलाव किया है।
विज्ञापन
करीब 100 पेट्रोल पंपों पर ट्रायल के तौर पर यह व्यवस्था शुरू हाे चुकी है। जून अंत तक दिल्ली के सभी 500 पेट्रोल पंपों पर यह व्यवस्था स्थापित हो जाएगी। बिना पीयूसी वाले वाहनों पर 10,000 के चालान का प्रावधान है।
परिवहन विभाग ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर परिवहन विभाग के डेटाबेस से मिलान करते हैं। यदि वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र वैध नहीं है तो सिस्टम स्वचालित रूप से ई-चालान जनरेट करता है। चालान की राशि 10,000 रुपये तक हो सकती है और दूसरी बार उल्लंघन पर 6 महीने की सजा का भी प्रावधान है। इस सिस्टम ने अब तक हजारों वाहनों के चालान काटे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के दिशानिर्देशों के तहत दिल्ली में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद, कई पुराने वाहन सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं। इनकी पहचान के लिए 477 पेट्रोल पंपों पर लगे सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि अप्रैल अंत तक इसे शुरू कर दिया जाएगा।
इस योजना के तहत यदि कोई वाहन तय उम्र से अधिक पुराना पाया जाता है, तो उसे ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा। इसमें चालान के साथ-साथ वाहन को जब्त कर स्क्रैप करने की कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का पीयूसी समय पर नवीनीकृत कराएं और पुराने वाहनों को सड़कों पर चलाने से बचें। ऐसा न करने पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।