फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Hindi News 10th class students will teach primary class children

Delhi: अब प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के शिक्षक बनेंगे 10वीं के छात्र, दिल्ली सरकार ने बनाई यह योजना

Sun, 07 Apr 2024 07:33 AM IST
विजय पुंडीर रश्मि शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 07 Apr 2024 07:33 AM IST
सार

शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि उन्हें इस कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों (10वीं के छात्र) के माता-पिता से पढ़ाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। उन्हें 10वीं के ऐसे छात्रों की पहचान करनी होगी जो स्वेच्छा से इस कार्यक्रम से जुड़ना चाहते हैं और स्कूल के आसपास रहते हैं।

विज्ञापन
Delhi Hindi News 10th class students will teach primary class children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सरकारी स्कूलों में अब 10वीं के छात्र प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के शिक्षक बनेंगे। एक छात्र तीन से पांच बच्चों के पढ़ने, लिखने के कौशल और बुनियादी गणित में सुधार करने में मदद करेगा। दिल्ली सरकार ने 10वीं की परीक्षा दे चुके छात्रों के समय के सदुपयोग, नेतृत्व की भावना और सहकर्मी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पहली बार इस तरह के कार्यक्रम को शुरू किया है। 

विज्ञापन


यह कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से ग्रीष्म कालीन अवकाश प्रारंभ होने तक जारी रहेगा। इस दौरान प्राथमिक शिक्षकों द्वारा नियमित आधार पर प्राथमिक बच्चों की प्रगति की निगरानी की जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुसार, प्राथमिक कक्षा के छात्रों की शिक्षा के लिए मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के बीच बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को बढ़ाने के लिए 10वीं के छात्रों को स्वेच्छा से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के साथ जोड़ने का निर्णय 
विज्ञापन

लिया है। 

शिक्षा निदेशालय के अधिकारी के अनुसार 10वीं की परीक्षा दे चुके छात्रों का रिजल्ट नहीं आया है, इस कारण से उनके पास अभी पर्याप्त समय है। इसके साथ ही प्राथमिक कक्षा के छात्रों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता मिलेगी। इस दौरान शिक्षक भी छात्रों के साथ पढ़ाने के लिए उपलब्ध होंगे। निदेशालय ने इस कार्यक्रम के लिए स्कूल प्राचार्यों को एक स्कूल स्तरीय समिति को गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस समिति में स्कूल प्राचार्य अध्यक्ष होंगे और 10वीं के टीजीटी शिक्षक सदस्य के रूप में ऐसे छात्रों का चयन करेंगे जोकि स्वेच्छा से प्राथमिक कक्षा के बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ाने के लिए माता-पिता से लेना होगा अनापत्ति प्रमाणपत्र
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि उन्हें इस कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों (10वीं के छात्र) के माता-पिता से पढ़ाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। उन्हें 10वीं के ऐसे छात्रों की पहचान करनी होगी जो स्वेच्छा से इस कार्यक्रम से जुड़ना चाहते हैं और स्कूल के आसपास रहते हैं। किसी भी10वीं कक्षा के छात्र को एक समय में तीन-पांच से अधिक छात्रों के साथ नियुक्त नहीं किया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत छात्रों को स्कूल के समय में तीन घंटे से अधिक पढ़ाने के लिए नहीं दिए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed