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फैसले से खुश दिल्ली सरकार का तीखा हमला

Tue, 26 May 2015 06:29 PM IST
Updated Tue, 26 May 2015 06:29 PM IST
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Delhi High Court verdict of cheers scathing attack.

केंद्र सरकार की तरफ से 21 मई को जारी अधिसूचना से दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकार सीमित करने के आदेश पर दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले से आम आदमी पार्टी की सरकार को ऑक्सीजन मिली है।

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इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट के कई नामी वकीलों ने राज्य सरकार को भेजी गई राय में केंद्र की अधिसूचना को गैर कानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।

फैसले के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके जनता को बधाई दी और इसे केंद्र सरकार के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया है।

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जन संवाद में भी किया फैसले का जिक्र

Delhi High Court verdict of cheers scathing attack.

मालूम हो कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनकी कैबिनेट केंद्र सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को दिल्ली सरकार के अधिकारी व कर्मचारियों तक सीमित करने का जोरशोर से विरोध कर रही है।

इसके अलावा उपराज्यपाल और चुनी गई सरकार के अधिकार क्षेत्र को लेकर भी बहस छिड़ी है। दिल्ली सरकार ने इस अधिसूचना पर चर्चा के लिए 26-27 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की घोषणा कर चुके हैं।
 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता को बधाई देने वाले ट्वीट में यहां तक लिख दिया है कि कोर्ट ने दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को कमजोर करने की केंद्र की कोशिश नाकाम कर दी है।

इस तरह की अधिसूचना करने का केंद्र के पास अधिकार नहीं है। ये केंद्र के लिए बड़ी शर्मिंदगी की बात है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ने आदेश को विस्तार से ट्वीट करके फॉलोअर्स तक पहुंचाने की  कोशिश की है।

ट्विटर पर यूं आई प्रतिक्रिया

Delhi High Court verdict of cheers scathing attack.

मुबारक हो। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को कमजोर करने को कोशिश को नाकाम कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार के पास एसीबी के संबंध में अधिसूचना जारी करने का अधिकार नहीं है।

आज दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला केंद्र सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी की बात है। कोर्ट ने 21 मई की केंद्र सरकार की अधिसूचना को संदिग्ध कहा है।
- अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री , दिल्ली।

दिल्ली विधानसभा को समवर्ती सूची में शामिल विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है। आईपीसी और सीआरपीसी से जुड़े मामलों पर एलजी सिर्फ अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकते। मंत्रिमंडल की सलाह लेना एलजी के लिए जरूरी।

 केंद्र सरकार द्वारा एसीबी की सीमा दिल्ली सरकार के अधिकारियों-कर्मचारियों तक सीमित करने का आदेश गलत। दिल्ली विधानसभा के अधीन आने वाले विषयों पर एक आदेश के जरिये एग्जीक्यूटिव पॉवर इस्तेमाल करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास नहीं।
- मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री, दिल्ली ।

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