फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi high court unhappy witl illegal religious encroachment on roads ask how will cultured society be protected with this

सड़क पर धार्मिक ढांचों से नाराज हाईकोर्ट: अवैध ढांचों से कैसे बचेगा सभ्य समाज, कहा- कड़ा रुख अपनाकर दें सख्त संदेश

Wed, 18 May 2022 12:52 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 18 May 2022 12:52 PM IST
सार

पीठ ने कहा हम यह समझने में असमर्थ हैं कि सरकार कैसे मूक दर्शक बन सकती है और इस तरह की अवैधताओं को होने दे सकती है। हमारे विचार से राज्य को ऐसे मामलों में स्पष्ट, निश्चित और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए।

विज्ञापन
Delhi high court unhappy witl illegal religious encroachment on roads ask how will cultured society be protected with this
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अनधिकृत निर्माणों के लिए मूकदर्शक बने रहने के लिए अधिकारियों की कड़ी खिंचाई की। अदालत ने कहा अगर सड़क के बीच में एक अवैध संरचना आती है तो एक सभ्य समाज कैसे बचेगा।

विज्ञापन


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई तस्वीरें, जिन्होंने दो मजारों (धार्मिक संरचनाओं) के निर्माण के खिलाफ याचिका दायर की है। इनमें एक हसनपुर डीटीसी डिपो के सामने स्वामी दयानंद मार्ग रोड पर और दूसरी भजनपुरा के वजीराबाद रोड पर यह दावा करते हुए कि वे अवैध हैं यह एक चौंकाने वाली स्थिति का खुलासा करता है।
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि अधिकारियों को ऐसे मामलों पर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाना चाहिए और अतिक्रमणकारियों को कड़ा संदेश देना चाहिए कि इस तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा हम यह समझने में असमर्थ हैं कि सरकार कैसे मूक दर्शक बन सकती है और इस तरह की अवैधताओं को होने दे सकती है। हमारे विचार से राज्य को ऐसे मामलों में स्पष्ट, निश्चित और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए। सभी अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट संदेश भेजने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए कि इस तरह के अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और जैसे ही वे होंगे उन्हें हटा दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि इस तरह के अवैध ढांचे को खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

दिल्ली सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील को मामले पर एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का भी निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई 16 नवंबर तय की है।

पीठ ने याची द्वारा पेश तस्वीरों को देखने के बाद दिल्ली सरकार के वकील से कहा आप तस्वीरों को देखिए इसकी इजाजत कैसे दी जाए? सड़क के बीच में कोई ढांचा आ जाएगा तो सभ्य समाज कैसे बचेगा।

अदालत अधिवक्ता एसडी विंडलेश द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था कि अतिक्रमण यातायात में बाधा डाल रहे हैं और नागरिकों को कठिनाई हो रही है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed