पूर्व सैनिक आत्महत्याः केजरीवाल के फैसले पर हाईकोर्ट का स्टे, परिवार को नहीं दे पाएंगे 1 करोड़
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दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक फैसले को रिजर्व करते हुए उनकी सरकार को बड़ा झटका दिया है। दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने आप सरकार के उस फैसले पर स्टे लगा दिया है जिसमें उसने आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल को 1 करोड़ मुआवजा देने का ऐलान किया था।
बता दें कि पूर्व सैनिक ने ओआरओपी के तहत पेंशन न मिलने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। कोर्ट ने सरकार के फैसले पर स्टे एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान लगाई। यह याचिका वकील अवध कौशिक ने दायर की थी।
इस याचिका में ग्रेवाल को शहीद घोषित किए जाने तक का विरोध किया था। कोर्ट इस मामले में अपना आदेश अगले सोमवार को सुनाएगी।
पहले भी दे चुके हैं केजरीवाल के फैसलों को चुनौती
बता दें कि याचिका दायर करने वाले अवध कौशिक पहले भी आत्महत्या के केस में केजरीवाल सरकार के मुआवजे देने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर कर चुके हैं।
उनकी पहली याचिका 2015 में डाली गई थी। उसमें कौशिक ने केजरीवाल सरकार के किसान गजेंद्र सिंह को मुआवजा और उसे शहीद का दर्जा दिए जाने खिलाफ याचिका दायर की थी। बता दें कि गजेंद्र वही किसान है जिसन जंतर-मंतर पर आप की एक सभा के दौरान कथित तौर पर खुद को फांसी लगा ली थी।
वहीं कौशिक की दूसरी याचिका रोहित वेमुला के भाई को नौकरी देने के खिलाफ थी। रोहित वेमुला हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एक दलित पीएचडी छात्र थे जिन्होंने इसी साल जनवरी में फांसी लगा ली थी जिसके बाद पूरे देश में बवाल मचा था।