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कुमार विश्वास और दिल्ली सरकार को हाईकोर्ट का तगड़ा झटका

Fri, 15 May 2015 01:41 PM IST
Updated Fri, 15 May 2015 01:41 PM IST
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Delhi high court slams kumar vishwas and delhi government

महिला से अवैध संबंध मामले में आज दिल्ली हाईकोर्ट ने कुमार विश्वास को तगड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है।

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गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग ने अवैध संबंध मामले में पीड़िता की शिकायत के बाद आप नेता कुमार विश्वास को आयोग में पेश होने का समन भेजा था।

लेकिन आयोग में पेश होने की बजाय कुमार अमेरिका चले गए और बाद में हाईकोर्ट में इस समन पर स्टे लगाने के लिए याचिका डाल दी।
उसी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज ये फैसला सुनाया है कि कोर्ट दिल्ली महिला आयोग के समन पर स्टे नहीं लगाएगी। इस तरह अब समन के अनुसार कुमार विश्वास को महिला आयोग में पेश होना ही पड़ेगा।

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भ्रष्टाचार मुक्त सरकार में क्यों खाली है लोकायुक्त का पद?

Delhi high court slams kumar vishwas and delhi government

कुमार विश्वास के अवैध संबंध मामले में मिला झटका काफी नहीं था कि हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को भी फटकार लगाने के साथ ही नोटिस भी भेजा है।

इस नोटिस में दिल्ली में लोकायुक्त की नियुक्ति न किए जाने का कारण पूछा है। कोर्ट ने नोटिस में दिल्ली सरकार से पूछा है कि आखिर 18 महीने से दिल्ली में लोकपाल का पद क्यों खाली है?

कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त सरकार होने का दावा करने वाली सरकार ने अब तक लोकपाल पद पर नियुक्ति क्यों नहीं की है। इस मामले हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से 5 जुलाई तक जवाब मांगा है।

दिल्ली सरकार ने महिला आयोग को भेजा नोटिस

Delhi high court slams kumar vishwas and delhi government

जहां हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार व आप नेता कुमार विश्वास को तगड़ा झटका दिया है वहीं आप सरकार ने भी दिल्ली महिला आयोग को अपने निशाने पर लिया है।

दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह को कुमार विश्वास प्रकरण में लकड़ी का नाम सार्वजनिक करने पर नोटिस भेजा है। बता दें कि जब बरखा सिंह ने कुमार विश्वास को समन जारी करने के बाद प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की तो वहां बड़ा बवाल हो गया।

हुआ कुछ यूं कि बरखा सिंह प्रेस वार्ता में विश्वास के खिलाफ बोल रही थीं। तभी अचानक आयोग की एक और सदस्य जूही खान ने अचानक उठकर ये कहना शुरू कर दिया कि कुमार विश्वास निर्दोष हैं। उनपर झूठा इलजाम लगाया गया है। जिसके बाद ये ज्यादा ही बढ़ गया।

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